पाली में मारवाड़ का अब तक का सबसे बड़ा आध्यात्मिक महोत्सव
24 जनवरी से 1 फरवरी तक अणुव्रत नगर में अलौकिक अनुष्ठानों का महाकुंभ
विशाल कथा पांडाल, साधना हॉल, दिव्य यज्ञशाला और भव्य भोजन व्यवस्था तैयार
पाली। मारवाड़ अंचल का अब तक का सबसे विशाल और भव्य आध्यात्मिक महोत्सव आगामी 24 जनवरी (शनिवार) से 1 फरवरी 2026 (रविवार) तक अणुव्रत नगर, पाली के विशाल प्रांगण में आयोजित होने जा रहा है। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विशाल कथा पांडाल, भोजन पांडाल, साधना हॉल एवं यज्ञ कुटीर का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है।
मां पद्मावती धाम कृष्णगिरी के अध्यक्ष शंकेश जैन ने बताया कि कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरू वसंत विजयानंद गिरी महाराज के पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन में यह भव्यातिभव्य अनुष्ठान संपन्न होगा। आयोजन के दौरान प्रतिदिन
प्रातः 10 बजे से 1 बजे तक साधना,
दोपहर 3 बजे से श्री महालक्ष्मी महायज्ञ,
तथा संध्या 7 बजे से भैरव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा।
साधना सत्र में समृद्धि को आकर्षित करने वाले जीबू कॉइन एवं पायरेट यंत्र मंत्रोच्चार के साथ सिद्ध कराए जाएंगे। वहीं श्री महालक्ष्मी महायज्ञ में जगद्गुरू देव के श्रीमुख से दुर्लभ मंत्रोच्चार के साथ काशी के विद्वान पंडितों द्वारा प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, गाय के शुद्ध देसी घी, हजारों किलो मेवे एवं विभिन्न प्रकार के चंदन से सहस्रों आहुतियां अर्पित की जाएंगी, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो जाएगा।
एक ही प्रांगण में साधना, यज्ञ, कथा, भोजन और भजन
अणुव्रत नगर ग्राउंड पर आयोजित इस महोत्सव में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 10 हजार वर्गफीट में विशेष रूप से निर्मित साधना हॉल तैयार किया गया है, जहां साधनारत श्रद्धालुओं को पूर्ण शांति एवं एकाग्रता मिलेगी। साथ ही जगद्गुरू देव के लिए विशेष कुटीर का निर्माण किया गया है, जहां वे साधना एवं विश्राम करेंगे।
करीब 45 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने विशाल कथा पांडाल में हजारों श्रद्धालु एक साथ बैठकर गुरुदेव के श्रीमुख से संगीतमयी भैरव महापुराण कथा का श्रवण कर सकेंगे। इसके समीप ही 35 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में विशाल भोजन शाला का निर्माण किया गया है, जहां प्रतिदिन सायं 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक सभी आगंतुक श्रद्धालु भोजन प्रसादी का लाभ ले सकेंगे।
पौराणिक झांकियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र
महोत्सव परिसर में पौराणिक काल के देवी-देवताओं की विभिन्न प्रसंगों एवं मुद्राओं में सजी मनोरम झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगी। ये प्रतिमाएं विशेष रूप से मां पद्मावती धाम कृष्णगिरी, तमिलनाडु से लाई गई हैं। इसके अतिरिक्त भी कई आध्यात्मिक व सांस्कृतिक आकर्षण श्रद्धालुओं को अनुभूति का नया आयाम देंगे।
यज्ञ में उमड़ रहे श्रद्धालु
महोत्सव से पूर्व भूमि शुद्धिकरण एवं देवी-देवताओं के आवाहन स्वरूप विशेष यज्ञ विधान किया जा रहा है। इस यज्ञ में जगद्गुरू वसंत विजयानंद गिरी महाराज के सानिध्य में विशेष मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जा रही हैं। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
इस दौरान गुरुदेव द्वारा श्रद्धालुओं को रोग, कष्ट, पारिवारिक व व्यावसायिक समस्याओं से मुक्ति तथा घर-परिवार में समृद्धि के उपाय बताए जा रहे हैं। पौराणिक प्रसंगों से सजे गुरुदेव के प्रवचन श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहे हैं।