जलदाय विभाग की विभिन्न मांगों को बजट घोषणा में शामिल करने की मांग
जोधपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) जयपुर के बैनर तले आयोजित बैठक में जलदाय विभाग की विभिन्न लंबित मांगों को आगामी बजट घोषणा में शामिल कराने की मांग उठाई गई। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कर्मचारी संघ, जिला शाखा जोधपुर के प्रतिनिधि के रूप में जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने भाग लिया।
इस अवसर पर अर्जुन सिंह ने महासंघ के पदाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं जलदाय मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही मुख्यमंत्री महोदय के नाम मांग-पत्र की प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भी प्रेषित की गई।
जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने बताया कि जलदाय विभाग की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
वर्ष 1998 में राज्य सरकार एवं कर्मचारी संगठनों के बीच हुए समझौते के अंतर्गत मंत्रालयिक संवर्ग के शेष लगभग 8000 पदों का शीघ्र आवंटन किया जाए।
मंत्रालयिक संवर्ग के द्वितीय पदोन्नति पद का पे-लेवल एल-11 किया जाए।
कनिष्ठ सहायक का न्यूनतम वेतनमान ₹25,500 निर्धारित किया जाए।
केंद्र सरकार में जमा 01.01.2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों की एनपीएस कटौती राशि को रिलीज कर, ब्याज सहित कर्मचारियों के खातों में जमा कराया जाए।
जलदाय विभाग में पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद पदस्थापन आदेशों में हो रहे अनावश्यक विलंब को समाप्त किया जाए तथा शिक्षा विभाग एवं वाणिज्य एवं लेखा संवर्ग की भांति उसी कार्यालय में कार्यग्रहण की व्यवस्था लागू की जाए।
जलदाय विभाग में वर्षों से बंद पड़ी तकनीकी एवं मंत्रालयिक संवर्ग की विभिन्न भर्तियों को शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
जलदाय विभाग में निजीकरण एवं ठेका प्रथा को बंद कर राजस्व एवं अन्य कार्य सरकारी कार्मिकों से कराए जाएं, जिससे राजस्व में वृद्धि हो सके।
जोधपुर स्थित झालामंड परिसर में जलदाय विभाग के कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी एवं खेल मैदान का निर्माण किया जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष महासंघ (एकीकृत) केशर सिंह चम्पावत ने किया। प्रतिनिधिमंडल में जोधपुर महासंघ जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह, जिलाध्यक्ष राधाकृष्णन, श्री इन्द्र विक्रम सिंह तथा प्रबोधक संघ जोधपुर के जिलाध्यक्ष गुमान सिंह गहलोत भी शामिल रहे।
इस अवसर पर अर्जुन सिंह ने महासंघ के पदाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं जलदाय मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही मुख्यमंत्री महोदय के नाम मांग-पत्र की प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भी प्रेषित की गई।
जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने बताया कि जलदाय विभाग की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
वर्ष 1998 में राज्य सरकार एवं कर्मचारी संगठनों के बीच हुए समझौते के अंतर्गत मंत्रालयिक संवर्ग के शेष लगभग 8000 पदों का शीघ्र आवंटन किया जाए।
मंत्रालयिक संवर्ग के द्वितीय पदोन्नति पद का पे-लेवल एल-11 किया जाए।
कनिष्ठ सहायक का न्यूनतम वेतनमान ₹25,500 निर्धारित किया जाए।
केंद्र सरकार में जमा 01.01.2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों की एनपीएस कटौती राशि को रिलीज कर, ब्याज सहित कर्मचारियों के खातों में जमा कराया जाए।
जलदाय विभाग में पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद पदस्थापन आदेशों में हो रहे अनावश्यक विलंब को समाप्त किया जाए तथा शिक्षा विभाग एवं वाणिज्य एवं लेखा संवर्ग की भांति उसी कार्यालय में कार्यग्रहण की व्यवस्था लागू की जाए।
जलदाय विभाग में वर्षों से बंद पड़ी तकनीकी एवं मंत्रालयिक संवर्ग की विभिन्न भर्तियों को शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
जलदाय विभाग में निजीकरण एवं ठेका प्रथा को बंद कर राजस्व एवं अन्य कार्य सरकारी कार्मिकों से कराए जाएं, जिससे राजस्व में वृद्धि हो सके।
जोधपुर स्थित झालामंड परिसर में जलदाय विभाग के कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी एवं खेल मैदान का निर्माण किया जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष महासंघ (एकीकृत) केशर सिंह चम्पावत ने किया। प्रतिनिधिमंडल में जोधपुर महासंघ जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह, जिलाध्यक्ष राधाकृष्णन, श्री इन्द्र विक्रम सिंह तथा प्रबोधक संघ जोधपुर के जिलाध्यक्ष गुमान सिंह गहलोत भी शामिल रहे।