स्वतंत्रता सेनानी यशवंत ‘रुचिर’ की स्मृति में साहित्य, संस्कृति और विचारों का संगम

सम्मान समारोह में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

सोजत सिटी । साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक संस्थान रुचिर विद्या साहित्य समिति के तत्वावधान में स्वतंत्रता सेनानी, कवि एवं पत्रकार यशवंत ‘रुचिर’ की 36वीं पुण्यतिथि के अवसर पर “रुचिर स्मृति साहित्य व सम्मान समारोह 2025” का आयोजन स्थानीय मोदी मोहल्ला स्थित सभागार में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप जिला कलक्टर मासिंगाराम ने की। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ लेखक जयंतीलाल त्रिवेदी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में गीता मर्मज्ञ पं. वालाराम चौधरी, प्रशासनिक अधिकारी छोटूसिंह उदावत तथा रुचिर परिवार के प्रमुख दलवीर राय उपस्थित रहे।

समारोह में अतिथियों द्वारा हिंदी एवं राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार हरीशचंद्र व्यास को समाजसेवी सेवाराम सीरवी द्वारा प्रदत्त ग्यारह हजार रुपये का सोनीबाई सीरवी स्मृति साहित्य पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार राशि का चेक उनके सुपुत्र वालाराम, गणेशराम एवं पूनमराम द्वारा भेंट किया गया। वहीं इस वर्ष के रुचिर स्मृति बाल प्रतिभा पुरस्कार के अंतर्गत बालिका सुश्री रिधिका चारण पुत्री विक्रमसिंह चारण को संस्था द्वारा प्रदत्त रजत पदक, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र तथा प्रशासनिक अधिकारी छोटूसिंह उदावत द्वारा ग्यारह सौ रुपये की नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा वरिष्ठ कवि रामस्वरूप भटनागर की काव्य कृति “चेहरों पर उगे प्रश्न” का लोकार्पण किया गया। राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र लखावत ने “पारंपरिक छंद अर आज री कवितावां” विषय पर पत्रवाचन प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने सराहा।

कार्यक्रम के आरंभ में माँ भारती, सरस्वती माता, स्वतंत्रता सेनानी यशवंत ‘रुचिर’ एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती विद्यावती भटनागर के चित्र पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की गई। कवि मोहनसिंह लखावत ने स्व. यशवंत ‘रुचिर’ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पत्रवाचन प्रस्तुत किया। कवि नवनीत राय ‘रुचिर’ ने पिताश्री की प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया।

काव्य गोष्ठी में बाल कवयित्री झिलमिल सांखला, युवा कवि राजेंद्र व्यास, ओजस्वी कवि मुकेश चौहान (बगड़ी), वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र लखावत, ख्यातनाम शायर अब्दुल समद राही, संस्था अध्यक्ष बसंत लखावत, साहित्यकार रामस्वरूप भटनागर, युवा कवि अभिषेक राय, वरिष्ठ कवि हरीशचंद्र व्यास, कथाकार रशीद गौरी, कवि विशनसिंह भाटी, पं. जगदीश व्यास, गीतकार दलपत पेंटर, व्यंग्यकार उमाशंकर द्विवेदी, स्वतंत्र लेखक चेतन व्यास, युवा कवयित्री एवं शिक्षिका निधि माथुर, कवि मोहनसिंह लखावत तथा ब्लॉक साक्षरता प्रभारी ऋतुराजसिंह चौहान ने सरस काव्य प्रस्तुतियां दीं। संगीतकार रवीन्द्र भटनागर ने सुमधुर गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

समारोह में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष भामाशाह लोकेश श्रीवास्तव, शिक्षाविद् रमेशचंद्र गुप्ता, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मोहम्मद रफीक, व्यवसायी रवींद्र गुप्ता, कायस्थ समाज के प्रमुख राकेश भटनागर, समाजसेवी जवरीलाल बोराणा, जनप्रतिनिधि रमेश देवड़ा, पत्रकार धन्नाराम परिहार, प्रधानाध्यापक माधवलाल शास्त्री, फौजी अशोक सैन सहित शहर के अनेक कलमकारों एवं बुद्धिजीवियों ने सहभागिता निभाई।

अध्यक्षीय उद्बोधन में उपखंड अधिकारी मासिंगाराम ने कहा कि साहित्यकार समाज को इंसानियत का पाठ पढ़ाते हैं और जब-जब समाज में परिवर्तन का बीजारोपण हुआ है, उसमें साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी स्व. यशवंत ‘रुचिर’ का स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान अविस्मरणीय है और उनका साहित्य सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

इस अवसर पर संस्था के वार्षिक चुनाव में सर्वसम्मति से शिक्षाविद् बसंत लखावत का अध्यक्षीय कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था अध्यक्ष बसंत लखावत ने अतिथियों का स्वागत किया। संस्था का वार्षिक प्रतिवेदन संस्था सचिव नवनीत राय ‘रुचिर’ द्वारा प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का शॉल एवं माल्यार्पण कर बहुमान किया गया। नवनीत राय ‘रुचिर’ के संयोजकत्व में आयोजित इस समारोह का सरस संचालन रामस्वरूप भटनागर ने किया।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button