आधुनिकता की चुनौती और आस्था स्थलों का संरक्षण: श्रीमाली ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मंत्री दवे से की चर्चा

सोजत । राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण दवे ने श्रीमाली ब्राह्मण समाज के युवाओं को बदलते समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने और आधुनिक तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी से अपडेट रहने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग प्रतिस्पर्धा का युग है, और जमाने के साथ चलना अनिवार्य है।

वे अपने निवास स्थान पर श्रीमाली ब्राह्मण समाज के एक प्रतिनिधि मंडल से समाज के समक्ष चुनौतियां एवं उनके समाधान और आस्था स्थलों के संरक्षण विषय पर चर्चा कर रहे थे।

 

आस्था स्थलों का संरक्षण और समृद्ध विरासत

 

इस चर्चा के दौरान, अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी ने श्रीमाली ब्राह्मण समाज की समृद्ध विरासत को सभी के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि आस्था स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन से ही उन्हें स्थायित्व प्रदान होगा।

 

उधमी अनिल ओझा ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें अपने आस्था स्थलों को सहेज कर रखना होगा।

 

सोजत के आस्था स्थलों के विकास पर चर्चा

 

प्रतिनिधि मंडल का संयोजन कर रहे चेतन व्यास ने पूर्व मंत्री दवे को सोजत में श्रीमाली ब्राह्मण समाज के विभिन्न आस्था स्थलों में चल रहे विकास कार्यों से अवगत करवाते हुए उनसे मार्गदर्शन देने का आग्रह किया।

 

पार्षद जोगेश जोशी ने त्रिवेणी संगम तीर्थ सुरेश्वर महादेव मंदिर तीर्थ, गुरु फूलनारायण आश्रम एवं बुढ़ायत माता मंदिर के भावी विकास की रुपरेखा पर प्रकाश डाला।

 

इस प्रतिनिधिमंडल में अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी, पार्षद जोगेश ‘लक्की’ जोशी, धीरेन्द्र व्यास, अनिल ओझा, विनोद श्रीमाली, पुजारी हरीश त्रिवेदी एवं गोपाल अवस्थी शामिल थे।

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