दीप विद्या आश्रम सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया
पाली – दीप विद्या आश्रम सेकेंडरी स्कूल के प्रांगण में आज शिक्षक दिवस बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर वरिष्ठ विद्यार्थियों तक ने शिक्षकों के सम्मान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुई। इसके पश्चात भाषण, कविता-पाठ, नृत्य और नाटकों के माध्यम से छात्रों ने अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंच से दिए गए भावपूर्ण वक्तव्यों ने उपस्थितजनों को भावुक कर दिया।
इस अवसर पर छात्रा साहिस्ता ने अपने उद्बोधन में कहा –
“गुरु वह दीप हैं जो राह दिखाते हैं,
अंधकार में डूबे मन को उम्मीद की रोशनी से जगमगाते हैं।”
वहीं छात्रा मेहर बानो ने शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा –
“ज्ञान का सागर है शिक्षक का व्यक्तित्व, आत्मा को सँवार देना ही उसकी सच्चाई है।
गुरु का उपकार हम कभी नहीं चुका सकते, यदि उनके बताए मार्ग पर चल पाएँ तो जीवन अवश्य सफल होगा।”
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन लोहिया ने छात्रों की प्रस्तुति और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन बच्चों की भावनाओं और शिक्षकों के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है।
शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि यदि वे इसी लगन और मेहनत से आगे बढ़ते रहे, तो निश्चय ही वे देश का नाम रोशन करेंगे।
विद्यालय के निदेशक श्री अकरम खान ने विद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा –
“संस्था प्रधान की सोच ही विद्यालय की पहचान होती है,
उनकी नीतियों में ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य निहित है।”
उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर यह भी कहा –
“गुरु से ही मिलती है सच्ची पहचान,
उनसे उज्ज्वल होता है मानव का संसार।
शिक्षक दिवस पर यही है हमारी प्रार्थना,
हर बच्चे को मिले सदैव गुरु का आशीर्वाद अपार।”
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर गुरु-शिष्य परंपरा को सजीव बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्य – निखिल चोपड़ा, नरेश सेन, हेदर अली, नीलम दवे, रेखा कुमावत, खुशबू अंसारी, वैभवी रंगवानी, कायनात खिलजी, रेखा दमानी, तफसीन अंसारी तथा नरपत सिंह ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और अपने प्रेरणादायी विचार साझा किए।
समारोह का मंच संचालन इक्तेशाम खान और अनिक अहमद ने कुशलता से किया, जिससे कार्यक्रम रोचक और जीवंत बना रहा।
शिक्षक दिवस का यह आयोजन विद्यालय में एक प्रेरणास्पद और अविस्मरणीय स्मृति बनकर सजीव हो उठा।