दीप विद्या आश्रम में “गुरु वंदन – छात्र अभिनंदन” कार्यक्रम का भव्य आयोजन
भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों और शिक्षकों को किया गया सम्मानित
पाली । दीप विद्या आश्रम सैकेंडरी स्कूल, जालोरी दरवाजा, पाली में सोमवार को “गुरु वंदन – छात्र अभिनंदन” कार्यक्रम का आयोजन भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में भावपूर्ण माहौल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कार, सेवा, समर्पण, सहयोग और संपर्क जैसे जीवनमूल्यों का संचार करना रहा।
कार्यक्रम में हरि गोपाल सोनी, जय शंकर त्रिवेदी, विद्यालय निदेशक कमल जैन, अकरम खान, तरुण शर्मा, स्वेत यादव, सुमन लोहिया, रेखा कुमावत, खुशबू अंसारी, कायनात खिलजी, रेखा दमानी, एवं नीलम दवे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर कक्षा पंचम की छात्रा शाहिस्ता परवीन ने “गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन” विषय पर भावपूर्ण भाषण देकर सभी का मन मोह लिया। उनके शब्दों ने गुरु के महत्व को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया:
“गुरु बिना ज्ञान नहीं मिलता, गुरु बिना जीवन नहीं खिलता।” “गुरु हैं ज्ञान के सागर, गुरु हैं जीवन की राह। गुरु का करना सम्मान सदा, यही है सबसे बड़ी चाह।” शाहिस्ता ने गुरु को जीवन का वास्तविक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि जैसे सूरज अंधकार को मिटाता है, वैसे ही गुरु अज्ञान का नाश करते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने गुरुओं को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, भारत विकास परिषद की ओर से विद्यालय के पांच अनुशासित छात्रों को प्रशंसा-पत्र एवं पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन कुशलता से वैभवी रंगवानी ने किया।
इस भावनात्मक आयोजन ने गुरु-शिष्य परंपरा को एक नई ऊँचाई देते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें और उत्कृष्ट नागरिक बनें।