जीवन मूल्यों से सिंचित सम्पूर्ण मानस रामलीला का भव्य आयोजन 25 अक्टूबर से
अधिस्वीकृत पत्रकार गुलाम मोहम्मद, सम्पादक, सेवा भारती, जोधपुर
विशाल मंच पर तकनीक से सज्जित इस मानस रामलीला को लेकर आमजन उत्सुक
जोधपुर । प्रभु श्रीराम की जीवन गाथाओं पर आधारित मानस रामलीला के मंचन को लेकर जनमानस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आगामी 25, 26 व 27 अक्टूबर को आयोजित होने वाली सम्पूर्ण मानस रामलीला में श्रीराम की जीवन गाथा को नाट्य रूपांतरण के माध्यम से दर्शाया जाएगा। मंच स्थल पर दर्शकों की सुविधा के मद्देनजर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके तहत यहाँ पूरे पंडाल में प्रवेश द्वार से लेकर मंच तक विशेष आकर्षण के साथ तैयारी की जा रही है। लेखक अयोध्या प्रसाद गौड़ द्वारा लिखित मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवंत गाथाओं पर आधारित रामलीला के मंचन की तैयारियाँ अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। जोधपुर तथा आसपास के जिलों व ग्रामीण इलाकों से आ रहे दर्शकों के लिए खास तैयारी की जा रही है जिसे लेकर रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों में भी खासा उत्साह है। रामलीला मंचन में आने वाले लोगों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
कलाकारों में भी जोश व उत्साह; अपना शत-प्रतिशत देने के लिए प्रतिबद्ध
भगवान श्री राम की जीवन गाथाओं को नाट्य स्वरूप में जनता के सामने पेश करने के लिए कलाकारों में भी जबरदस्त जोश व उत्साह है। निर्देशक अरु स्वाति व्यास ने बताया कि सम्पूर्ण मानस रामलीला के आयोजन को सफल रूप प्रदान करने के लिए 300 से अधिक कलाकार अपने-अपने किरदार को जीवंत बनाने के लिए दिन-रात कड़ी रिहर्सल कर रहे हैं। आयोजन के प्रति सभी कलाकारों का जोश व उत्साह प्रशंसनीय है।
यूनेस्को भी रामलीला जैसे आयोजन को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत मानता है
केशव परिसर, आदर्श विद्या मंदिर, कमला नेहरू नगर के विशाल मैदान में आयोजित इस रामलीला के आयोजन के लिए आयोजन समिति ने हर व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया है। रामलीला जैसे आयोजन को यूनेस्को ने 2008 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की श्रेणी में शामिल किया है। भारत व अन्य कई देशों में यह 400 साल पुरानी परम्परा है।