पीपा जयंती समापन व भामाशाह सम्मान समारोह संम्पन
Gulam Mohammed, Editor, Seva Bharati News
जोधपुर। श्री समस्त पीपा क्षत्रिय न्याति ट्रस्ट सुभाष चौक रातानाडा द्वारा पीपा जयंती समापन का समापन व समाज के प्रमुख भामाशाह का सम्मान समारोह संत पीपा जी सभागार मे आयोजित हुआ।
सचिव नरेश सोलंकी ने बताया इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी आज्ञाराम सोलंकी,व विशिष्ट अतिथि दशरथ सोलंकी, भंवरलाल दहिया, अतुल परिहार, पूसाराम चावड़ा, महेंद्र चौहान, डॉ प्रदीप सोलंकी, द्वारा समाज के प्रमुख भामाशाह आशु लाल दहिया, श्यामसुंदर दहिया, ओम प्रकाश गोयल, महेंद्र दहिया, भंवरलाल दहिया, राजेंद्र सोलंकी, अनूप चंद चावड़ा, भंवरी देवी गोयल, प्रकाश पवार, भीमराज राखेचा, डॉ एम आर दहिया, तेजाराम राखेचा, शोभा देवी राखेचा, मांगीलाल दहिया, तरुण कुमार कछवाह, हमीर सिंह चौहान, बाबूलाल भाटी, विद्यांशु गोयल, दीपाराम सोलंकी का सम्मान ट्रस्ट द्वारा किया गया। भामाशाह के द्वारा आर्थिक सहयोग से ही समाज विकास कर सकता है उनके इस भाव के लिए समाज द्वारा इन भामाशाहों का सम्मान किया गया। पीपा जयंती आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले सभी कार्यकर्ताओं का भी सम्मान इस अवसर पर किया गया। अध्यक्ष प्रकाश चावड़ा ने बताया की पीपा जयंती आयोजन को लेकर धन संग्रह करने वाले व साथ ही सामूहिक विवाह आयोजन मे सक्रिय भाग लेने वाले जोधपुर के विभिन्न क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर ट्रस्ट के त्रिवार्षिक चुनाव की घोषणा भी की गई चुनाव संम्पन करवाने के लिए लाला राम भाटी को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया ।इस अवसर पर समस्त कार्यकारिणी द्वारा 3 वर्ष में समाज के समस्त कार्य मे समाज के रचनात्मक सहयोग के लिए उपस्थित समाज बन्धुओं का आभार व्यक्त किया गया । पूर्व अध्यक्ष हस्तीमल चावड़ा, भवर लाल दहिया, भीमराज रखेचा, पूर्व सचिव देवाराम परिहार, संजय सोलंकी, प्रकास पवार, अशोक गोयल, तेजा राम रखेचा ने भी विचार रखे, सभी ने समाज को एकजुट होकर तन मन धन से कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी द्वारा सम्पूर्ण आय व्यय का ब्यौरा रखा! इस अवसर पर कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश दहिया, उपाध्यक्ष सुखा राम गोयल, जगदीश डेरिया, छगन सिंह दहिया, अशोक चावड़ा, विजेंद्र गोयल, खेताराम गोयल, दिलीप सोलंकी, अजराम टाक, भोजराज तवर, गिरधारी दहिया, तुलसी राम गोयल, दुर्गा राम पवार, ओम प्रकाश, नारायण सोलंकी ने भी विचार उपस्थित रहे।