छ:री पालित संघ भवानी नगर मुणोत परिवार के घर से कल रवाना होगा
जोधपुर। उवसग्गहरं आराधक परिवार जोधपुर व सकल जैन संघ जोधपुर के तत्वाधान में छ’ री पालित पैदल संघ के संयोजक राकेश भंडारी ने बताया कि कल सुबह 5.00 बजे श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ समोसरण गृह जिनालय दिनेश जी मुणोत के यहां से रवाना होगा ।
यह संघ जोधपुर के इतिहास में एक अलग स्थान बनाएगा। जिस तरह श्रद्धालु रामदेवरा भावो के साथ जाते है वैसे ही जैन समाज मे नाकोड़ा तीर्थ पर असीम श्रद्धा है अतः जैन समाज के करीब 550 श्रद्धालु इस संघ में चल रहे साधु साध्वी श्रावक और श्राविकाओं से मिलकर चतुर्विद संघ बनता है इस पैदल संघ का ग्रंथो में बहुत महत्व बताया गया है। छ री पालित पैदल संघ का आशय छः नियमो को पालते हुए पैदल यात्रा करनी है जिसमे पैदल चलना,भूमि पर शयन,एक बार आहार,ब्रह्मचर्य पालन,आवश्यक किर्या,संचित का त्याग करना है।
इस पैदल संघ यात्रा में पुराने ग्रंथो में उलेख वर्णन के अनुसार निकाला जाएगा जिसमे भगवान रथ में बिराजमान रहेंगे,भगवान का दर्जा राजा महाराजा से ऊपर है अतः इस पैदल यात्रा के जुलूस धर्म ध्वजा 1 हाथी ,2 घोड़े,2 ऊंट , 16 घोड़ा बगिया ,2 ऊंट गाड़ी, 2 बेंड, ढोल आदि रहेंगे। जहाँ जहाँ पर पड़ाव रहेगा वहां यात्रिओ एवं सहयोगी परिवारों के लिए रात्रि विश्राम की पूर्ण माकूल व्यवस्था टेंट में रहेगी। यह व्यवस्था अपने आप मे एक नगर का रूप लेगी जिसका नामकरण वाराणसी नगरी के नाम से होगा,जहाँ प्रवचन होगा उसका नाम सुधर्मास्वामी प्रवचन मंडप से होगा ऐसे अलग अलग जगह का नामकरण किया गया है।
जिस गांव के बाहर पड़ाव रहेगा वहां की स्कूल में बच्चों बुक पेन बाटी जाएगी। गांव में। मीठा मुह करवाने के लिए बूंदी के लड्डू बांटे जाएंगे। रास्ते मे आने वाले गांव के जैन मंदिर में पांच कल्याणक पूजा का आयोजन रहेगा।
साथ चल रहे परमात्मा की रोजाना पूजा अभिषेक ,प्रवचन,रात्रि भक्ति करते हुए यह संघ 6 दिसंबर की नाकोड़ा तीर्थ पहुचेगा। वहां पहुचने पर श्रद्धालुओं के चेहरे पर जो खुशी होगी उसका वर्णन करना भी मुश्किल होगा,पैदल यात्रा की मान्यता रखने वालों की मान्यता पूरी होगी। इस संघ में स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर की व्यवस्था रहेगी एम्बुलेंस भी साथ रहेगी। सुरक्षा के लिए सिक्योरटी गॉर्ड रहेंगे ।
नाकोड़ा सत्तर भेदी पूजा एवं संघपति माल के प्रोग्राम के साथ संघपूर्ण होगा।