हुसैनी रंग में रंगा नजर आया शहर, जगह जगह हुए कई कार्यक्रम
शहीदाने कर्बला की याद में हुसैनी छबील, तकरीर, रोजे रखकर किया याद
1 अगस्त को होगी फूल प्यालों की रस्म अदा
जोधपुर। हजरत पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हसन हुसैन की शहादत की याद में यौमे आशूरा पर मुस्लिम भाइयों ने अकीदत व अहतराम के साथ शहीदाने कर्बला को याद किया। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हुसैनी रंग में रंगे नजर आए वहीं मौमिनों ने या अली या हुसैन के नारे लगाकर कर्बला में शहीद हुए शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की।
मेंशन ग्रुप की जानिब से यौमे आशूरा के मौके पर शहीदाने कर्बला की याद में चैपासनी रोड़ स्थित चीरघर मस्जिद में मिल्क शेक छबील का प्रोग्राम किया गया। मेंशन ग्रुप के राजा मोइन ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी शहीदाने कर्बल की याद में 1000 लीटर मिल्क शेक की छबील बनाई गयी एवं सभी राहगीरों, आमजन को पिलाई गयी।
छबील प्रोग्राम मेें यह रहे मौजूद: राजा मोईन, जहीर खान, तौसिफ खान, शाहरूख खान, मो. अकबर, सलमान खान, मो. अली, शौहेब खान, शोहेल खान, हैदर अली सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ताजियों पर चढ़ाए शीरनी-सेहरे, 1 अगस्त को फूल प्यालों की होगी रस्म अदा:
लखारा बाजार क्षेत्र के ताजिया पर अकीदतमंद मो. फरहान खान ने शीरनी-सेहरे चढ़ाकर देश में अमन चैन की कामना की, हमदर्द वर्जिश क्लब अखाड़ा के उस्ताद अब्दुल वहीद खान ने बताया की युवाओ द्वारा हैरत अंगेज करतब दिखाए, फूल प्यालों की रस्म 1 अगस्त को अदा की जाएगी, मुहर्रम एकता कमेटी के अध्यक्ष उस्ताद हाजी हमीम बक्ष सहित लाइसेंस धारी अखाड़ों के उस्तादों का इस्तकबाल किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन हसीब खान, कलाम खान, राज मोहम्मद, सराज मोहम्मद खान करेंगे।
रोजे रखे-इबादत में गुजारी मोमिनों ने रात
दीनी ऐलान के अब्दुल सलीम कादरी ने बताया चीरघर मदनी मस्जिद और मदीना मस्जिद देवीरोड पर मस्जिद के इमामो द्वारा तकरीर का प्रोग्राम आयोजित किया गया, जिसमें ओलमाओ ने शोदाए कर्बला के वाक़ियात पर बयान किये और दीने हक और ईमान की सलामती पर गामज़न रहने की ताकीद की। यौमे आशूरा पर मुस्लिम समाज के लोगों ने दूबारा रोजा रख कर कर्बला के मैदान के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की जगह जगह मोमिन मस्जिदों में नमाज अदा कर, तिलावत ऐ कुरआन कर इबादत की साथ ही जगह-जगह मस्जिदों में जंगनामा पढ़ा गया एवं तकरीर, बयान पढ़ सुन कर कर्बला के शहीदों को इसाले शबाब किया। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगो द्वारा जगह जगह शर्बत, छबील, खीर, हलीम, पुलाव इत्यादि व्यंजन बना कर लोगों को शिरणी के रूप में तकसीम किए गए।