इलैक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. काऊंट सिजर मैटी की जयंती पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाई
जयपुर। इलेक्ट्रोपैथी के जनक डॉ. काऊंट सिजर मैटी की जयंती बुधवार को जयपुर के वैशाली नगर में इलैक्ट्रोपैथी चिकित्सालय में मनाई गयी, जिसमें इलैक्ट्रोपैथी चिकित्सकों ने हिस्सा लिया और मैटी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर केक काटकर मेटी के कार्य को याद किया। कार्यक्रम में डॉ. देवराज पुरोहित, डॉ. मोहित पारीक, डॉ. रवि प्रजापत, डॉ. इस्लामुद्दीन, डॉ. मोहम्मद ताहीर, डॉ. पुखराज तिवाड़ी एंव चिकित्सालय के स्टाफ़ आदि मौजूद थे।
डॉ. योगेन्द्र पुरोहित ने कार्यक्रम में बताया कि आज के इस भौतिकवादी युग में भागदौड व थकान-भरी जिंदगी में विज्ञान जितनी तरक्की कर रहा है, उतने ही रोग बढ़ रहे है, नए-नए असाध्य रोग जन्म ले रहे है। मानव जाति के पृथ्वी पर आगमन के साथ ही अनेक आर्युविद्याओं का भी उपयोग स्वस्थ व निरोग रहने के लिए मानव जाति उपयोग करने लगी थी, जिसमें आयुर्वेद, नैचूरोपैथी, एलोपैथी, यूनानी, होमियोपैथी, एक्यूपंचर आदि कोई 100 प्रकार की चिकित्सा पद्धतियाँ आज दिखाई देती है। अब तक की सभी पद्धतियांे से बिल्कुल भिन्न ये इलैक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति कम समय में तेजी से चारों ओर अपने पांव पसार रही है और लोगों के ईलाज के लिए सबसे अधिक कारगर साबित हो रही है, जिसका शरीर पर किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं है, जो शत प्रतिशत औषधीय पेड़ पौधों से बनी है। डॉ. पुरोहित की मानें तो इलेक्ट्रोपैथी पद्धति पेड़ पत्तियों और जड़ी बूटियों का निचौड़ हैं।
क्या है इलैक्ट्रोपैथी?
इलैक्ट्रोपैथी को इलैक्ट्रोहोम्योपैथी भी कहते है। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी तीन शब्दों को समुच्य है। पहला इलेक्ट्रो:- मनुष्य शरीर एवं वनस्पति में भगवान के द्वारा दी हुई दो शक्तियाँ होती है। पहली ऋणात्मक व दूसरी धनात्मक। इन्हें शरीर की इलेक्ट्रिसिटी कहते हैं। यह धनात्मक/पॉजिटिव एवं ऋणात्मक/नेगेटिव शक्तियाँ जब शरीर में समान होती है, तो वह स्वस्थ अवस्था कहलाती हैं। इन शक्तियों अर्थात इलेक्ट्रिसिटी की शरीर में असमानता रोग कहलाती है। अर्थात इलेक्ट्रिसिटी के लिए ही यहां इलेक्ट्रो शब्द लिया गया है, ना कि कोई करंट से संबंध है।
दूसरा होमियो:- यह एक लैटिन शब्द है जिसका अर्थ है समानता अर्थात किसी असमानता को समानता में बदलना। क्योंकि इस चिकित्सा पद्धति में शारीरिक इलेक्ट्रिसिटी की असमानता/रोग/बीमारी को पौधों की इलेक्ट्रिसिटी से समानता/स्वस्थता/हैल्थ में बदला जाता है, इसलिए यहां होमियो शब्द प्रयोग में लिया गया है। अर्थात होमियो शब्द का यहां पर होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से कोई संबंध नहीं है।
तीसरा:- इसका अर्थ है कोई चिकित्सा पद्धति या चिकित्सा साइंस। कुल मिलाकर इलेक्ट्रोपैथी वह वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जो हमें पेड़ पौधों की इलेक्ट्रिसिटी से मनुष्य शरीर की असमान इलेक्ट्रिसिटी/बीमारी को समान/स्वस्थ रखना सिखाती है।