शाकाहारी लोग बुद्धि से प्रखर और तेजस्वी होते हैं: राष्ट्र-संत श्री चन्द्रप्रभ
जोधपुर। राष्ट्र-संत श्री चन्द्रप्रभ जी ने कहा कि हमारा आहार हो शाकाहार। जब मिल रही हैं खाने को रोटियाँ तो क्यों खाएँ जानवरों की बोटियाँ। मांसाहार करने से तन, मन और आत्मा निर्मल नहीं रह पाते। जो लोग शाकाहार करते हैं वे बुद्धि से प्रखर और तेजस्वी रहते हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन, जॉर्ज बर्नार्ड शॉ, मार्टिन लूथर, महात्मा गाँधी, अब्दुल कलाम, नरेंद्र मोदी, अमिताभ बच्चन, आमिर खान, वीरेंद्र सहवाग जैसी सैकड़ों महान हस्तियाँ शाकाहारी हैं।
कायलाना रोड स्थित संबोधि धाम में राष्ट्र-संत श्री चन्द्रप्रभ जी ने संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप महावीर, राम, कृष्ण, बुद्ध और नानक के सच्चे अनुयायी हैं तो शाकाहार अपनाएँ और शाकाहार को विश्व में फैलाएँ। विश्व में शांति, अहिंसा और प्रेम की स्थापना के लिए, अपराधों को खत्म करने के लिए आहार का शुद्ध होना जरूरी है। अगर हम लेंगे अच्छा अन्न तो सदा रहेगा हमारा अच्छा मन, अच्छे मन से आएगा हमारे पास अच्छा धन और उसके सदुपयोग से देश होगा रोशन।
संतप्रवर ने कहा कि भारत ने ही अहिंसा का आदर्श पूरे विश्व के सामने प्रस्तुत किया है। हमारा पेट कोई कब्रिस्तान नहीं है, जो हम उसमें मरे हुए जीवों को दफनाएँ। भगवान का नाम लेने का अधिकार उसे ही है, जिसका दिल और जुबान पवित्र और शाकाहारी है। अगर हम किसी एक मांसाहारी को शाकाहारी बनाते हैं तो हमें हजारों जीवों को जीवन-दान देने का पुण्य प्राप्त होगा। अगर आपके दोस्त मांसाहार लेते हैं तो उन्हें शाकाहारी बनने की प्रेरणा दें। कोई हमारे सुई चुभोए या इंजेक्शन लगाए तो हमें कितना दर्द होता है तो सोचो, जब मूक पशुपक्षियों पर कटार चलती है तो उन्हें कितनी पीड़ा होती होगी! क्या किसी को पीड़ा देकर निर्मित किया हुआ आहार हमें सुख और शांति दे सकता है?
संतप्रवर ने प्रेरणा दी कि आपके यहाँ जो भी कर्मचारी काम करते हैं, तो उन्हें विशेष तौर पर प्रेरणा देकर शाकाहारी बनाएँ। इसके लिए उन्हें गिफ्ट या बोनस देना पड़े तो भी तैयार रहें।
संतप्रवर की प्रेरणा से सैकड़ों भाई बहनों ने शपथ ली कि वे प्रतिवर्ष एक व्यक्ति को शाकाहारी बनाएँगे और अगर ऐसा नहीं कर पाए तो अगले वर्ष किसी भी खाने की एक वस्तु का त्याग कर देंगे। समारोह के उपरांत श्रीमती नीलम मेहता के जन्मदिवस पर प्रज्ञा निकेतन संस्था को दिव्यांग और विकलांग लोगों के लिए राहत सामग्री दी गई।