रेलवे ने दी सौगात, कंटेनर डिपो के लिए मिली अतिरिक्त जमीन
जोधपुर। उत्तर-पश्चिम रेलवे ने एक्सपोर्ट्स व आइसीडी कोरकॉर कंटनेर डिपो को बड़ी सौगात देते हुए अतिरिक्त जमीन देने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। ऐसे में अब डिपो में कंटेनर रखे जाने की क्षमता करीब दोगुनी हो जाएगी। साथ ही कंटेनर को लोड करने सहित अन्य समस्या जो पिछले लम्बे समय से पेश आ रही थी उसका भी समाधान हो सकेगा। जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स फेडरेशन की ओर से इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया गया। इसका उदघाटन डेप्युटी कमिशनर कस्टम कॉनकोर-जोधपुर अभिषेक सिन्हा, नरेश बोथरा, टर्मिनल हेड कॉनकोर-जोधपुर प्रेम प्रकाश, सीनियर मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, कॉनकोर-जोधपुर आशीष तिवारी, प्रियेश भंडारी, राजेन्द्र बंसल ने किया।
गौरतलब है कि एक कंटेनर को लोड करने में 8 घंटे से लेकर 24 घंटे तक का समय लग रहा है। इससे एक्सपोटर्स परेशान तो है ही, साथ ही पैनल्टी भी चुकाने को मजबूर हो रहे हैं। यह परेशानी पिछले छह माह में सामने आ रही थी। जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोटर्स फेडरेशन (जेएचईएफ) ने आईसीडी कोनकॉर कंटनेर डिपो के अधिकारी प्रेमप्रकाश व आशीष से मुलाकात कर इसके समाधान का आग्रहण किया था। जेएचईएफ के संरक्षक निर्मल भंडारी व अध्यक्ष नरेश बोथरा ने बताया कि कॉनकोर के टर्मिनल मैनेजर प्रेमप्रकाश ने इस बारे में जानकारी दी है कि रेलवे ने यह मांग पूरी कर बड़ी राहत दी। अब अतिरिक्त जमीन मिलने से ट्रांसपोर्टर्स को काफी राहत मिलेगी, अब लोडिंग व अनलोडिंग कार्य हाथों हाथ हो सकेगा। उन्होंने इसके लिए कॉनकोर दिल्ली के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कमल जैन, स्थानीय टर्मिनल मैनेजर सहित डीआरएम गितिका पांडेय और आशीष तिवारी का आभार जताया।
बता दे कि वर्तमान में 40 हजार स्क्वायर मीटर कॉनकोर कंटेनर डिपो के पास स्थान है और 35 सौ कंटेनर रखे जाने की क्षमता है। अब नई व्यवस्था में 18 हजार स्क्वायर मीटर रेलवे कॉनकोर को देगा जिसके बाद 3 हजार कंटेनर और रखे जा सकेंगे। इसके बाद कुल 65 सौ कंटेनर रखने की क्षमता डिपो के पास हो जाएगी। अब लोडिंग व अनलोडिंग कार्य हाथों हाथ हो सकेगा।