गेस्ट फैकल्टी के रूप में अस्थाई नियुक्ति स्वागत योग्य: गहलोत
सिरोही (जयन्तिलाल दाणा)। राज्य सरकार द्वारा राजकीय शिक्षण संस्थाओं में रिक्त पदों पर विद्या सम्बल योजना में गेस्ट फैकल्टी के तहत नियुक्ति से विद्यार्थियों का अध्ययन अब बाधित नहीं होगा। शिक्षण संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में विषय विशेषज्ञों को विद्या सम्बल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के तहत नियुक्त किया जा सकेगा। इसे लेकर वित्त, सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम विभाग के शासन सचिव वित्त (बजट) डॉ.पृथ्वीराज द्वारा निर्देश दिए जाने पर राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र गहलोत ने खुशी जाहिर की है। संघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया कि लम्बे समय से शिक्षा विभाग में रिक्त चल रहे पदों को लेकर बच्चों के अध्ययन में बाधाऐं आ रही थी। गहलोत सरकार ने गंभीरता से विचार-विमर्श कर दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत स्थायी नियुक्ति करने तक विभाग द्वारा प्रति वर्ष शैक्षिक सत्र आरंभ होने से पहले रिक्त पदों का आंकलन किया जाएगा। नियुक्ति प्रक्रिया में विलम्ब होने पर विभागीय नियमों में प्रावधित अतिआवश्यक अस्थाई आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया करने व स्थाई नियुक्ति प्रक्रियाओं के पूर्ण होने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए विभाग ने गेस्ट फैकल्टी के माध्यम से अध्यापन कार्य कुछ नियमों का पालन करते हुए अस्थाई नियुक्ति का निर्णय लिया हैं वह सराहनीय हैं। गेस्ट फैकल्टी स्वीकृत रिक्त पद के विरुद्ध ली जा सकेगी। विभाग का मुख्यालय जिलेवार व संस्थावार गेस्ट फैकल्टी की आवश्यकता अनुसार प्रत्येक जिला मुख्यालय पर नोडल अधिकारी के माध्यम से सूचना उपलब्ध होगी। संस्था प्रधान सीधे ही अपने स्तर पर रिक्त चल रहे पदों पर संबंधी सेवा नियमों में अंकित योग्यता आदि की पात्रता रखने वाले सेवानिवृत कार्मिकों व निजी अभ्यार्थियों को बजट उपलब्धता की शर्त के अधीन गेस्ट फैकल्टी रख सकेंगे। गेस्ट फैकल्टी के लिए विद्यालय, विश्व विद्यालय, छात्रावास, महाविद्यालय, तकनीकी महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्नीक कॉलेजों में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय की दरों पर अस्थाई रूप से लगाया जा सकेगा। विद्या सम्बल योजना प्रशिक्षित बेरोजगारों एवं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए वरदान साबित होगी।