प्रत्येक राजकीय कार्यालय में लोक सेवा गांरटी
पाली। जिला कलक्टर अंश दीप ने कहा है कि प्रत्येक राजकीय कार्यालय में लोक सेवा गांरटी एवं सुनवाई का अधिकार कानून का का कार्यालय नोटिस बार्ड पर अंकन आवश्यक रूप से करें। जिला कलक्टर ने बुधवार को राजीव गांधी सेवा केन्द्र में जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों से कहा कि कार्यालय के बाहर नोटिस बोर्ड पर लोक सेवा गारंटी व सुनवाई का अधिकार का अंकन करवाए। साथ ही सुनवाई करने वाले अधिकारी का नाम व फोन नम्बर का भी अंकन करे। परिवादी का प्रार्थना पत्र की रसीद आवश्यक रूप से दी जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई, रात्रि चौपाल, मुख्यमंत्री कार्यालय, सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण आवश्यक रूप से किया जाए। जिन अधिकारियों द्वारा समय पर कार्यवाही नहीं की जाती एवं जिन विभागों के प्रकरण लम्बित है। उन्हें नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा जाए फिर भी कार्यवाही नहीं होने पर चार्चशीट जारी की जाए। उन्होंने कहा कि ब्लाॅक स्तर पर आमजन की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर ही निराकरण होना जरूरी है। जिला स्तर पर कार्य प्रकरणों में भी अपेक्षित कार्यवाही नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को राहत देने के लिए उनकी समस्याओं का निपटारा होना जरूरी है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई में 13 प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए उन्होंने बाबुलाल के दुकान से माल गायब होने पर पुलिस कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने, रमेश कुमार, वीरेन्द्र कुमार, मदनसिंह द्वारा नगर परिषद द्वारा कागजात की नकले उपलब्ध नहीं करने पर आयुक्त को विधि सम्मत कार्य करने, छगनलाल द्वारा अवैध कब्जा हटाने, केवलराम की नामांतकरण निरस्त करने, नरेश पंडित द्वारा दर्ज लोक सेवकों के विरूद्ध कार्यवाही, नगर परिषद द्वारा कचरा नहीं उठाने की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में यूआईटी सचिव वीरेन्द्रसिंह चौधरी ने कहा कि एक साल व 6 माह से सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित विभिन्न विभागों के प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए। सरकार की मंशा है कि आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो प्रत्येक उपखण्ड अधिकारी अपने अपने क्षेत्र के पांच-पांच प्रकरणों का स्वयं के स्तर पर भौतिक सत्यापन कर परिवादी की शिकायत की गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण की मौके पर जाकर जांच करे तथा परिवादी से बातचित कर उन्हें संतुष्ट करें। जिन विभागों में प्रकरण लम्बे समय से लम्बित है वे एक सप्ताह में उनका समाधान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे। बार-बार जिला कलेक्टर के निर्देश के बावजूद प्रकरणों पर गंभीरता से विचार नहीं करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ. तेजपाल सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.एस.नागा, उपखण्ड अधिकारी उत्सव कौशल, जिला रसद अधिकारी लक्ष्मी नारायण बुनकर, रिंकी खिची, आरती गहलोत, चन्द्र प्रकाश वैष्णव, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी वेद प्रकाश आशिया, उप निदेशक कृषि विस्तार जितेन्द्रसिंह, अधीक्षण अभियंता डिस्काॅम घनश्याम, पीडब्ल्यूडी एल.आर. वाघेला, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास श्रीमती शांता मेघवाल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जितेन्द्रसिंह सोनीगरा मौजूद रहे।