विश्व श्रवण दिवस मनाया
जोधपुर। हर वर्ष भांति इस बार भी विश्व श्रवण दिवस मनाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलवंत मंडा ने बताया कि बहरेपन की समस्या को जागरूकता और जानकारी के जरिए काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे की समय पर स्क्रीनिंग व जांच करवाई जाए ताकि बहरेपन की किसी प्रकार के लक्षण पाए जाने पर समय रहते उपचार से इस बीमारी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। साथ ही बुजुर्ग भी इस बारे में सजग रहें तो बधिरता जैसी बीमारी के मामलों में गिरावट आ सकती है।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. प्रीतम सिंह सांखला ने बताया कि प्रदेश में भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय बहरापन नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) 2014-15 से संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए बीमारी अथवा चोट के कारण होने वाली श्रवण क्षमता की कमी की रोकथाम, श्रवण क्षमता को कम करने वाली कान की समस्याओं की शीघ्र पहचान एवं उपचार करना, बहरापन से पीडि़त समस्त लोगो का पुर्नवास, यंत्र सामग्री एवं ट्रेनिंग देकर संस्थागत क्षमता का विकास किया जा रहा है। डॉ. सांखला ने बताया कि निदेशालय के आदेशानुसार जोधपुर जिले में राष्ट्रीय बहरापन नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) सेल द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों पर बहरेपन के लक्षण, बचाव व रोकथाम सम्बंधित संगोष्ठी, रैली,पोस्टर व पैम्फलेट वितरण कर आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया गया।