बिना सहमति वेतन काटने पर जलदाय कर्मचारियों ने जताया विरोध

  •  प्रान्तीय नल मजदूर यूनियन (इंटक) राजस्थान जोधपुर द्वारा प्रेस कान्फ्रेस आयोजित

सेवा भारती समाचार

जोधपुर। प्रांतीय नल मजदूर यूनियन (इंटक) राजस्थान जोधपुर द्वारा रिक्तियां भैरुजी अभियन्ता नगर व्रत कार्यालय परिसर में स्थित विश्राम गृह में प्रेस कान्फ्रेस कर राजस्थान सरकार द्वारा बिना सहमति जलदाय विभाग के कर्मचारियों का वेतन काटे जाने व जनवरी-2020 से महँगाई भत्ता भुगतान नहीं करने का विरोध जताया।
यूनियन के संभागीय अध्यक्ष अब्दुल रहीम शेख ने प्रेस कान्फ्रेस को सम्बोन्धित करते हुए जलदाय विभाग के कर्मचारियों बिना सहमति के वेतन काटे जाने खुलकर यूनियन द्वारा विरोध जताया है साथ ही राज्य सरकार से जल्द कोविड-19 के दौरान काटे गए वेतन भुगतान करने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि जलदाय विभाग के कर्मचारियों का पिछले कई महिनों से महंगाई भत्ता सरकार द्वारा भुगतान नहीं किया गया है वो बिल्कुल गलत है। कोविड-19 महामारी लोकडाउन के दौरान जलदाय विभाग के कर्मचारियों द्वारा अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बगैर संसाधनों के अभाव में पानी सप्लाई सुचारू रखी तथा किसी प्रकाश जल संकट नहीं होने दिया है। वहीं राज्य कर्मचारियों की सहमति के बिना ही माह सितम्बर 2020 से एक दिन का वेतन काटा जाना बिल्कुल गलत है। क्रमश: 2, 3, व 5 दिवस का वेतन काट लिया जो राजस्थान सरकार के इतिहास में पहली बार हुआ है। वहीं मार्च 2020 का 30 प्रतिशत एवं 50 प्रतिशत स्थगित कर दिया गया, जिसके पुनर्भुगतान के लिए सरकार की ओर से कोई आश्वास नहीं दिया गया है। वहीं महंगाई भत्ता का भुगतान भी नहीं किया गया है।

नगर व्रत अध्यक्ष नियाज मोहम्मद व महामंत्री ईश्वरराम ने कहा कि प्रांतीय नल मजदूर यूनियन [इंटक ] राजस्थान संभाग/ नगर व्रत / जिला व्रत जोधपुर द्वारा लम्बे समय से मांग की जा रही है कि प्रांतीय नल मजदुर युनियन (इंटक ) राजस्थान से निष्कासित रामा शंकर गुर्जर (जयपुर), राजेंद्रसिंह सोलंकी, महावीर कड़वासरा (जोधपुर) विभागीय परिसर में स्थित श्रम कल्याण केंद्र पर जबरन कब्जा किये हुए हैं। उनसे श्रम कल्याण केंद्र खाली करवाने को लेकर युनियन के वर्तमान पदाधिकारियों ने विभागीय अधिकारीयों, राजस्थान सरकार तक से कई पत्र व्यवहार किये परन्तु विभाग की उदासीनता के चलते कार्यवाही को टाला जाता रहा है। विभाग में की जा रही नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति/ कार्यव्यवस्थार्थ आदेश पर रोक लगाई जावे तथा जो प्रतिनियुक्ति/ कार्यव्यवस्थार्थ आदेश किये गए हैं उनको निरस्त किया जावे ।
भंवरलाल चौधरी ने बताया कि जलदाय विभाग में राज्य सरकार द्वारा प्रतिनियुक्ति, कार्यव्यवस्थार्थ के आदेशों पर पूर्ण रूप से रोक लगी हुई है। पिछले डेढ़ दो वर्षों से प्रतिनियक्ति / कार्यव्यवस्थार्थ आदेशों की आड़ में अधिकारी अपने चहेतों को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने की गरज से नियम विरुद्ध आदेश किये जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा राज्यहित में जलकर्मियों के स्थानान्तरण किये हुए लगभग एक वर्ष होने जा रहा है परन्तु कई कार्मिकों को उनके नए स्थानान्तरित स्थल पर नहीं भेजा जा गया है और कई ऐसे भी कर्मचारी हैं जिनको कार्यमुक्त कर पुन: प्रतिनियुक्ति / कार्यव्यवस्थार्थ आदेश करके पुराने कार्य स्थल पर ही कार्य करवाया जा रहा हैं। इससे स्थानांतरित व कार्यमुक्त होकर आए कर्मचारियों को या तो काम ज्यादा करना पड़ रहा है या उनके पास काम ही नहीं है ऐसे में कर्मचारियों में हीन भावना जागृत होने के साथ-साथ कार्य के प्रति जिम्मेदारी खत्म होती जा रही है। इस दौरान यूनियन के अब्दुल रहीम शेख, कृष्ण गोपाल, ओमप्रकाश गुर्जर, भंवरलाल चौधरी, नियाज मोहम्मद, ईश्वरराम चौधरी सहित कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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