स्व. सुधा भटनागर की स्मृति में सद्भावना समारोह आयोजित
पुस्तक ‘अनुभूतियों के आंगन में सुधा’ का विमोचन, कायस्थ समाज की संस्थाओं एवं समाजसेवियों का सम्मान

जोधपुर। समाजसेवी स्वर्गीय सुधा भटनागर की प्रथम पुण्यतिथि पर स्व. सुधा भटनागर स्मृति सद्भावना मंच की ओर से रविवार को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित कायस्थ सामुदायिक भवन में सद्भावना समारोह आयोजित किया गया। समारोह में स्व. सुधा भटनागर को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनके सामाजिक योगदान, व्यक्तित्व और स्मृतियों का भावपूर्ण स्मरण किया गया। कार्यक्रम में कायस्थ समाज की विभिन्न संस्थाओं एवं समाजसेवा, शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण उनके पति एल.एन. भटनागर द्वारा लिखित पुस्तक ‘अनुभूतियों के आंगन में सुधा’ का विमोचन रहा। पुस्तक के माध्यम से स्व. सुधा भटनागर के जीवन, संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और स्मृतियों को शब्दों में संजोने का प्रयास किया गया है, ताकि उनकी प्रेरणादायी स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सकें।
समारोह की अध्यक्षता वयोवृद्ध समाजसेवी अशोक माथुर ने की। कार्यक्रम में कायस्थ जनरल सभा के अध्यक्ष नरेश माथुर, कायस्थ कल्याण समिति के सचिव अजय अस्थाना, नव शिक्षा समाज के अध्यक्ष गिरीश माथुर तथा मनस्वी क्लब की अध्यक्ष एवं योगगुरु मुक्ता माथुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. सुधा भटनागर को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद सुरमयी श्रद्धांजलि के माध्यम से उनकी स्मृतियों को संगीतमय स्वरांजलि दी गई। सूफी, शास्त्रीय एवं सुगम संगीत के गायक डॉ. राकेश माथुर और अन्य कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से स्व. सुधा भटनागर को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने समाज में सद्भावना, सेवा और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत बनाने पर जोर दिया। समारोह में सामाजिक, सामुदायिक, शैक्षणिक, पर्यावरण संरक्षण, भक्ति, उद्यमिता, संगीत एवं योग के क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं तथा विशिष्ट समाजसेवियों का सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाजहित में कार्य करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों का सम्मान अन्य लोगों को भी सेवा एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की प्रेरणा देता है।समारोह का संचालन राजेंद्र कोमल माथुर ने किया।
समारोह ने स्व. सुधा भटनागर की स्मृतियों को संजोने के साथ समाज में सद्भावना, सेवा, एकता और सहयोग के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया