मां सेजल की महाआरती के साथ सोजत महोत्सव का शुभारंभ, भजनों और आतिशबाजी ने मोहा मन

सोजत। नगर की अधिष्ठात्री देवी मां सेजल माता मंदिर में महाआरती के साथ सोजत महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस दौरान भक्ति, शक्ति और सनातन संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। महाआरती के बाद सोजत महोत्सव के बैनर का विमोचन किया गया। भजन संध्या, सेजल कन्याओं की आकर्षक रम्मत और आतिशबाजी ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने कहा कि भक्ति एवं शक्ति का संगम सनातन धर्म की प्राचीन परंपरा है। सोजत एक अति प्राचीन नगरी है, जिसका गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति रही है। नगर की अधिष्ठात्री देवी मां सेजल वरदान और समृद्धि प्रदान करती हैं। महाआरती के साथ सोजत महोत्सव का शुभारंभ गौरवशाली परंपरा का आगाज है।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश तंवर ने कहा कि नवरात्रि के नौ दिनों तक अधिष्ठात्री देवी मां सेजल के आगमन और धार्मिक आयोजनों से शहर में सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है।
इससे पूर्व महाआरती के लाभार्थी लखावत परिवार की ओर से निधि अनोपसिंह लखावत ने विधि-विधान से मां सेजल की पूजा-अर्चना की। इस दौरान मां को नवीन वस्त्र धारण करवाकर गुलाब के पुष्पों से श्रृंगार किया गया। महादेव परिवार का भी श्रृंगार किया गया।

महाआरती के बाद अतिथियों का बहुमान किया गया। दिनेश टाक एंड पार्टी ने मनमोहक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। वहीं सेजल कन्याओं ने आकर्षक रम्मत और भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आतिशबाजी ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर सेजल माता मंदिर के पुजारी आनंद कश्यप, सेजल माता मंडल अध्यक्ष भीकाराम प्रजापत, नगर पालिका उपाध्यक्ष राकेश पंवार, सोजत महोत्सव समिति मार्गदर्शक लालचंद मोयल, राजेश तंवर, पंकज त्रिवेदी, प्रफुल्ल ओझा, हीरालाल कांठेर, सोजत महोत्सव समिति अध्यक्ष एवं पार्षद जोगेश जोशी, समिति सचिव चेतन व्यास, पुष्पत राज मुणोत, ताराचंद सैनी, श्यामलाल व्यास, चुन्नीलाल बोस, हितेंद्र व्यास, रामस्वरूप भटनागर, सुधीर दवे, रामावतार, राकेश देवड़ा, गोरधनलाल गहलोत, अशोक सैन, प्रकाश सोनी, भवानीशंकर जांगिड़ और जवरीलाल बौराणा सहित पार्षदगण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।