हजरत सैय्यद मानशाह बाबा का उर्स एहतराम के साथ मनाया गया
दुनिया में सबसे में अफजल रूतबा मेरे नबी : मशहूर कव्वाल नुसरत कादरी
सुबह 4 कुल फातिहा व रस्म के साथ उर्स समापन की घोषणा की गई
जोधपुर। हजरत सैयद अली मानशाह बाबा का 149वां उर्स मुबारक दरगाह परिसर में बम्बा बारी, हज हाउस के पास गुलजारपुरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दरगाह कमेटी ने कुल रस्म के साथ उर्स सम्पन्न।
दरगाह के सज्जादानशीन व मुत्तवल्ली पीर मोहम्मद अब्दुल वाहिद मीनाई चिश्ती सुलेमानी ने बताया कि हर साल तरह इस साल 149वां उर्स मुबारक बड़ी शानों शौकत के मनाया गया। उर्स के साथ दौरान औलेमाओ की तकारीर पेश की, वहीं रात्रि 10 बजे से महफिले कव्वाली में मशहूर कव्वाल नुसरत कादरी एण्ड पाटी (कपासन वाले) एवं जोधपुर के मशहूर कव्वाल इरफान तुफैल, शौकत अंदाज, जफर आमीन साबरी कवाल एण्ड पाटी ने शानदार कव्वाली पेशकर समा बाँधा। कवाल नसुरत कादीर एण्ड पार्टी ने 1. दुनियां में सबसे अफजल… रूतबा मेरे नबी का.. 2. या ख्वाजा मेरे मोईनुद्दी… सहित कई मनमोहक कव्वालिया पेश की। इस दौरान दरगाह कमेटी द्वारा विशिष्ठ सेवाओं के लिए समाजसेवी व कार्यकर्ताओं का साफा पहनाकर सम्मान किया गया।
इस दौरान पीर अब्दुल वाहिद मिनाई सुलेमान, पीर अबूल हसन मिनाई चिश्ती सुलेमानी, पीर नजमूल हसन नजमी सुलेमानी, पीर अब्दुल रजाक मिनाई, पीर कार्री जावेद मिनाई चिश्ती, अय्युब मिनाई, असलम मिनाई, नईम मिनाई, सहीम मिनाई, मो. सलीम राजा चिश्ती, अय्युब पीडूब्ल्यूडी, मंजूर जिलानी, रजमान मिनाई, रईस मिनाई, साबिर चिश्ती, कूदरत अल्लाह चिश्ती, मोहम्मद रफीक, समाजसेवी गुलाम मोहम्मद, आशिक अली मुन्ना भाई सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। उसी दिन सुबह 4 बजे कुल शरीफ की फातिहा एवं दुआ के बाद उर्स का समापन हुआ।