गंगा शर्मा ने दी 3 घंटे भरतनाट्यम की प्रस्तुति

शिवम् नाट्यालय का 44वां अरंगेत्रम सम्पन्न

जोधपुर। शिवम् नाट्यालय का 44वां अरंगेत्रम डॉ. एस एन मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। जिसमें गंगा ने अपनी गुरु के साथ घुंघरू पूजा कर घुंघरू ग्रहण किए।

अपनी प्रथम प्रस्तुति पुष्पांजली ताल आदितालम में की। उसके बाद अलारिपु चतुरस्य एकम ताल में व जातिस्वरम राग हेमावती में प्रस्तुत किया। शब्दम में द्रोपदी चीर हरण पर कृष्ण लीला का भावपूर्ण अभिनय पेश किया। चिदंबरम की कविता “नल्ला शगुनम” पर आधारित वर्णम राग मलिका में एवम् पराशक्ति जननी द्वारा पदम की बारीकियों को व दुर्गा के श्रृंगार रस,वियोग रस,वीर रस और रौद्र रस को आदितालम में दिखाकर सबको भावविभोर कर दिया।

राग बहाग में तिल्लाना प्रस्तुत कर खूब तालियां बटौरी। अंत में मंगलम प्रस्तुत कर  शिष्या ने अपने गुरु एवम् दर्शकों को धन्यवाद कर आशीर्वाद लिया।गुरु डॉ.मंजूषा सक्सेना ने गंगा को भारतीय संस्कृति एवम् भरतनाट्यम गुरु शिष्य परंपरा को निभाने हेतु शपथ ग्रहण करवाई।साथ ही उसे स्नातक की डिग्री प्रदान की। डॉ.मंजूषा ने अरंगेत्रम के महत्व को समझाते हुए बताया  कि 2000 ईसा पूर्व भरतनाट्यम का इतिहास है और तब से अरंगेतरम की प्रथा चली आ रही है। पहले के समय में बालिकाओं को गुरुकुल में छोड़ा जाता था और वह अपनी नृत्य साधना पूरी कर राजा महाराजाओं के समक्ष गुरुओं के समक्ष अपने नृत्य की प्रस्तुति देती थी।इस प्रथा को आज भी उतनी श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है।

यह गुरु शिष्य परंपरा का अनूठा उदाहरण है। उनकी संस्था विगत 25 वर्षों से जोधपुर में भरतनाट्यम के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। मुख्य अतिथि के रूप मे श्री चंद्रशेखर शर्मा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीमती डॉक्टर अमृता दुहान पुलिस उपायुक्त पूर्व, श्रीमती निधि नायर संयुक्त आयकर आयुक्त, श्री बीएस यादव प्रिंसिपल एंड डायरेक्टर दिल्ली पब्लिक स्कूल जोधपुर, श्री शरद तिवारी प्रिंसिपल मयूर चौपासनी, सिस्टर श्वेता, सिस्टर जयसिंथ एसपीएस स्कूल, श्री चैन सिंह महेचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्रीमती प्रेम धंदे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्री नरेंद्र दायमा सहायक पुलिस आयुक्त, श्री अशोक आंजना सहायक पुलिस आयुक्त, श्री जितेंद्र मेड़तिया सहायक पुलिस आयुक्त उपस्थित थे। श्री चंद्रशेखर शर्मा जी ने शिवम नाट्यालय की इस पहल को सराहा और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जोधपुर राजस्थान में भरतनाट्यम के लिए जाना जाएगा। दिल्ली पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल श्री बी एस यादव जी ने कहा की किसी ख्याति प्राप्त संस्था से अरंगेतरम करना मायने रखता है। यह डिग्री देश में ही नहीं विदेशों में भी महत्वपूर्ण है।

विदेश जाकर पढ़ाई करने में, वीजा मिलने में, व टॉप यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने में बहुत सहायक होती है। बालिकाएं अपने पैरों पर खड़ी होती हैं। श्रीमती निधि नायर ने भी भारतीय संस्कृति की इस धरोहर को बचाए रखने और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए संस्था की सराहना की। गंगा ने छोटी भरतनाट्यम नृत्यांगना बनने का विश्व का दूसरा स्थान पाया है। इसलिए राजस्थान बुक ऑफ रिकॉर्ड में उसका नाम शामिल किया गया। गंगा की माता श्रीमती लक्ष्मी शर्मा एवम् पिता सहायक पुलिस आयुक्त रमेश कुमार शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट कर गुरु को सम्मान देते हुए धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम में मंच संचालन संस्थान की सीनयर छात्राएं अविशा गोयल एवं दिव्यांशी चौधरी द्वारा किया गया।

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