मोटापा एक गंभीर बीमारी, किन्तु उसका उपचार संभव: डाॅ. अपूर्व व्यास

मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा

जोधपुर। ‘मोटापा बहुत से रोगों से जुड़ा हुआ है जैसे ह्रदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गठिया, टाईप 2 मधुमेह आदि इन सभी का एकमात्र समाधान केवल अंश ओबीक्योर में मात्र 6 से 8 महीनों में अतिरिक्त वजन का 70 से 90 प्रतिशत वजन घटता है। जिससे मोटापा कम होने के साथ आपका आत्मविश्वास और शारिरीक क्षमता भी बढ़ती है ।

टाइप 2 मधुमेह, कैंसर, हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (उच्च कोलेस्ट्रॉल ), गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजिज (जीईआरडी), उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, अवसाद, जोड़ों की ओस्टियोआर्थराइटिस, जोड़ों का दर्द, स्लीप एपनिया और श्वसन समस्याएं, यूरिनरी स्ट्रेस इंकाटिनेंस, फेटी लिवर, या लिवर का बिगड़ जाना, अस्थमा और फेफड़ों की समस्याएं और प्रजनन संबंधी समस्याओ के कारण मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन गया है, क्योकि यह रोग उच्च मृत्यु दर के लिए जिम्मेदार हैं।
मोटापा प्रबंधन और जीवन शैली में संशोधन व शरीर के वजन को बनाए रखने और मोटापे से प्रेरित बीमारियों की प्रगति को रोकने में विश्वसनीय है । यह मोटापे के इलाज के लिए सबसे बेहतर विधी है। मोटापे की समस्याओं के निदान के लिए सर्जिकल और नान सर्जिकल दोनों विकल्प मौजूद हैं गुजरात-अहमदाबाद के वरिष्ठ ओबेसिटी :- सर्जन 7000 से ज़्यादा मोटापा की सर्जरी का अनुभव, 25+ साल से ज़्यादा का लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का अनुभव, 90 किलो से 300 किलो और 7 साल के 80 साल तक के मरिजो में मोटापा की सर्जरी कर चुके है। मोटापा की सर्जरी के नाम : गेस्ट्रिक स्लीव, गैस्ट्रिक बाईपास, मिनी गैस्ट्रिक बाईपास, गैस्ट्रिक बलून इसके अलावा वजऩ ना बढ़े उसके लिए परामर्श दिये जाते है।

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