जोधपुर शहर के चार केन्द्रों पर बच्चों को पिलाया जाएगा स्वर्ण प्राशन
आयुर्वेद विश्वविद्यालय का स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम बुधवार को
जोधपुर। बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता एवं समुचित वृद्धि-विकास के लिये सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा संचालित स्वर्णप्राशन कार्यक्रम बुधवार को एम्स की आयुष ओ.पी.डी., शहर में शनिश्चर थान, विश्वविद्यालय आयुर्वेद चिकित्सालय, करवड़ और गोद-ग्राम घड़ाव के राजकीय विद्यालय में आयोजित किया जायेगा।
विश्वविद्यालय द्वारा संचालित स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम की लोकप्रियता एवं उपयोगिता को देखते हुए बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को स्वर्ण प्राशन दवा पिलवा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने आमजनता से अपील की है कि सभी अभिभावक एवं स्वर्ण प्राशन दवा पीने वाले बच्चे मास्क लगाकर ही स्वर्ण प्राशन केन्द्रों में आयेंगे तथा सोशियल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि आमजनता में बच्चों के सर्वांगीण स्वास्थ्य में स्वर्णप्राशन के लाभ और महत्त्व के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिये प्रतिमाह की भांति बुधवार को जोधपुर शहर के चार केन्द्रों पर स्वर्णप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता के घट जाने से बच्चों में प्रायः संक्रमणजनित रोग हो जाने से उनकी शारीरिक-मानसिक-बौद्धिक वृद्धि एवं विकास अवरुद्ध हो जाता है तथा बच्चे एंटीबायोटिक दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं। अनेक रोगों में एंटीबायोटिक दवाएं भी निष्प्रभावी हो जाने से स्थिति जटिल हो जाती है, ऐसी परिस्थिति में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाना आवश्यक हो जाता है और इसके लिये आयुर्वेद के प्राचीन ग्रन्थों में वर्णित स्वर्णप्राशन सर्वथा उपयुक्त एवं प्रभावी उपाय है।
प्रो. शर्मा ने बताया कि प्रतिमाह पुष्य नक्षत्र के दिन विश्वविद्यालय के बाल रोग विभागान्तर्गत करवड़ स्थित चिकित्सालय सहित चार केन्द्रों पर सैकड़ों की संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को नियमित रूप से स्वर्णप्राशन ड्रॉप्स पिलाने के लिये आ रहे हैं। स्वर्ण प्राशन की अगली खुराक आगामी पुष्य नक्षत्र दिनांक 18 अक्टूम्बर 2022 को उक्त चार स्थानां पर बच्चों को पिलाई जायेगी।