भगवान प्रेम के भूखे है: सुनील महाराज
सिटी रिपोर्टर : मगराज कच्छवाहा
जोधपुर। कालूराम जी की बावड़ी माली समाज शिव मंदिर में श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर माली समाज शिव मंदिर के परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास पीठ से कथा वाचक संत श्री सुनील महाराज ने भागवत कथा का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि नारायण की भक्ति में ही परम आनंद आता है। उसकी वाणी सागर का मोती बन जाती है। वह ईश्वर के रस में डूब जाता है। भगवान प्रेम के भूखे हैं। वासनाओं का त्याग करके ही प्रभु से मिलन संभव है। वासना को वस्त्र की भांति त्याग देना चाहिए। भगवत कथा का जो श्रवण कहता है उसके पास भगवान का आशीर्वाद बना रहता है। कथा में महाराज ने चौसठ योगिनी रे देवी रे आंगणिये रमजाय सुन्दर भजन सुनाया ओर कहा की भगवती आद्या शक्ति की लीलाएँ अनंत है सभी लीलाएँ भक्तो को आनंद प्रदान करती है।संसार में सभी प्राणियों के लिए मातृभाव की महती महिमा है मानव अपनी सबसे अधिक श्रद्धा स्वाभाविक रूप से माता के ही चरणों में अर्पित करता है। कथा का समय दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक का रहता है और कथा की पूर्णा आहूति 2 नवम्बर को होगी । इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त जन उपस्थित रहे।