अवादा फाउंडेशन ने लम्पी वायरस से प्रभावित 6000 से अधिक गायों को बचाया
जोधपुर। ऊर्जा के क्षेत्र की अवादा ग्रुप की परोपकारी शाखा अवादा फाउंडेशन ने राजस्थान में मवेशियों को होने वाले लम्पी वायरस के प्रकोप से परेशान किसानों को मुफ्त चिकित्सा सहायता और राहत प्रदान करने की जिम्मेदारी ली है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लम्पी वायरस अब तक लगभग तीन लाख गोवंश को प्रभावित कर चुका है, जिसके परिणामस्वरूप 12,800 गायों की मौत हुई है।
अवादा फाउंडेशन की ओर से पशुपालकों को घर-घर जाकर मुफ्त पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं और साथ ही पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं भी समय पर प्रदान की जा सके। फाउंडेशन का उद्देश्य राजस्थान के बीकानेर जिले के दो गांवों-भैरुखीरा और नूरसर में 6,000 से अधिक मवेशियों का इलाज करना है, जिससे कुल 700 परिवारों को मदद मिल रही है।
राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग के अनुसार, वायरल बीमारी के कारण 2,81,484 जानवर प्रभावित हुए हैं। ये मवेशी लम्पी वायरस से पीड़ित हैं, जो रक्त चूसने वाले कीड़ों जैसे मक्खियों, मच्छरों, या ऐसी की कुछ दूसरी प्रजातियों और दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है। इस बीमारी से राज्य में 10 अगस्त तक कुल 12,800 मवेशियों की मौत हो चुकी है, जिनमें बीकानेर में हुई 1,150 मौतें भी शामिल हैं।
अवादा फाउंडेशन ट्रस्टी रितु पटवारी ने कहा, ‘‘स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, फाउंडेशन ने तुरंत ग्राम पंचायत और समुदाय के सदस्यों को गायों के इलाज के लिए सहयोग देने का निर्णय किया। साथ ही फाउंडेशन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों की आजीविका प्रभावित न हो। अवादा फाउंडेशन पशुपालकों को मुफ्त पशु चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान कर रहा है।’’
फाउंडेशन ने सुनिश्चित किया है कि बीकानेर और उसके आसपास मवेशियों में अचानक फैलने वाले लम्पी रोग के इलाज के लिए टीके उपलब्ध कराए जाएं। वायरल रोग के कारण तीव्र बुखार, आंखों और नाक से स्राव, लार आना, पूरे शरीर में नरम छाले जैसी गांठें, दूध संग्रह में उल्लेखनीय कमी, खाने में कठिनाई और कभी-कभी पशु की मृत्यु भी हो जाती है।