राजस्थान एम.एड. संघर्ष समिति ने सीएम सलाहकार को सौंपा ज्ञापन
जोधपुर। एम.एड. डिग्री धारियों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार व पूर्व मुख्यसचिव निरंजन आर्य से मिलकर सात सूत्री मांग पत्र सौंपा। राजस्थान एमएड शिक्षा संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आर्य को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर एमएड डिग्री धारियों की समस्याओं से अवगत करवाया। सभी राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षा शास्त्र विषय शुरू करते की मांग की है । ज्ञापन में बताया कि राजस्थान में पिछले कई सालों से एमएड की डिग्री करवाई जा रही है, लेकिन सरकारी सेवाओं में आज तक इसका उपयोग शून्य है।उच्च शिक्षित होते हुए भी अभ्यर्थियों को उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है । प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि राजस्थान की डाइट्स में संचालित डीएलएड कॉलेजों में योग्यताधारी स्टाफ नहीं है, न ही इन कॉलेज में एनसीटीई के मानदंडों के अनुसार भर्ती हुई है । इन कॉलेजों में सीधी भर्ती द्वारा पद भरने की मांग की गई।समस्त राजकीय महाविद्यालयों में 4 वर्षीय एकीकृत बीए बीएड , बीएससी बीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जाएं । जिससे गरीब निम्न तबकों के बालको को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो सके। समाज मे मूल्य व आदर्श के विकास के लिए माध्यमिक व कॉलेज शिक्षा में शिक्षा शास्त्र विषय शुरू किया जाए ताकि एमएड डिग्री धारकों के साथ न्याय हो। आर्य ने शिक्षक शिक्षा विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष समिति के डॉ.प्रशान्त कुमार, ललित कुमार, डॉ.शिवदयाल, राकेश कडेला, महेंद्र सिंह दहिया, मो. यूसुफ,महेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।