अफज़़ल जोधपुरी के प्रथम काव्य संग्रह लफ्ज़़ रंग का लोकार्पण
जोधपुर। जिन्दगी और दुनिया के संघर्षों में अपनी, प्रेम एवं मानवीय मूल्यों की तलाश, वर्तमान जीवन शैली तथा राजनीति पर व्यंग्य, गौरवशाली अतीत व परम्पराओं के खोने का दु:ख जैसे विषयों पर आधारित शायरी करने वाले जोधपुर के मशहूर शायर मुहम्मद अफज़़ल जोधपुरी के पहले शे‘री मजमूऐ (काव्य-संग्रह) लफ्ज़़ रंग का एक सादा समारोह में राज्य के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने ऑनलाइन लोकार्पण किया। इस अवसर पर डॉ. बीडी कल्ला ने किताबों की महत्ता को रेखांकित करते हुए जोधपुर के स्थापित साहित्यकारों अज़ीम बेग चुग़ताई और शीन काफ़ निज़ाम की अगली कड़ी के तौर पर अफज़ल जोधपुरी को शब्द-शिल्पी बताया और मुबारकबाद के साथ उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी। साथ ही साथ राजस्थान उर्दू अकादमी जयपुर के सैकेट्री सय्यद मुअ़ज़्ज़म अली ने भी अकादमी द्वारा किए जा रहे नये और पुराने लेखकों की किताबों के प्रकाशन सम्बन्धी कार्यों का उल्लेख करते हुए अफज़़ल जोधपुरी के काव्य-संग्रह के प्रकाशन पर सगर्व प्रसन्नता का इज़्हार किया। उल्लेखनीय है कि अफज़़ल जोधपुरी ने मरहूम एडी राही के प्रोत्साहन से मुशाअऱे पढऩे का आग़ाज़ किया। तत्पश्चात उनकी प्रेरणा से अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शाइर शीन काफ़ निज़ाम के सम्पर्क में आकर उनके शागिर्द हो गये और निज़ाम के निरन्तर मार्गदर्शन में अपनी काव्य-यात्रा प्रारम्भ कर के यहां तक पहुंचे हैं। लफ्ज़़ रंग में 24 गज़़लें, 45 नज़्में, 14 दोहे के अलावा शुरू में 1 हम्द और 1 ना‘त भी शामिल हैं।