खरीफ फसल बीमा 31 जुलाई तक
जोधपुर। जिला स्तरीय कृषि उत्पादन समिति, जिला उद्यान विकास समिति, जिला समन्वय समिति (आत्मा) व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित बैठक कलेक्टे्रट सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर तृतीय अंजुम ताहिर सम्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले इसके लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसकी जानकारी मिले व फसल बीमा करा सके। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई तक कृषक खरीफ फसल बीमा कर सकते है। उन्होंने कहा कि खरीफ में बाजरा, कपास, चवला, मूंगफली, ग्वार, ज्वार, मूंग, मोठ, तिल का बीमा करा सकते है।
बैठक में अतिरिक्त कलक्टर ने जिला स्तरीय कृषि समिति की बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सॉयल हैल्थ कार्य योजना, खरीफ बुवाई, रबी फसलों के तहत उर्वरक, बीज एवं पौध संरक्षण रसायन की जानकारी ली। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने जिला उद्यान विकास समिति की बैठक की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत स्वीकृतियों के बारे में जानकारी ली।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कृषि प्रौद्यागिकी प्रबन्धन अभिकरण आत्मा की गवर्निग बोर्ड की बैठक में 3 मार्च 2021 की बैठक के निर्देशों की अनुपालना पर चर्चा की। उन्होंने आत्मा के तहत विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण, प्रदर्शन के बारे में हुए कार्यो की जानकारी ली।
बैठक में उपनिदेशक कृषि विस्तार डॉ जीवणराम भाकर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि खफीफ फसल बीमा में ़ऋणी व अऋणी कृषक 31 जुलाई तक खरीफ फसल बीमा करा सकते है। कृषकों को खाद्यान्न दलहन एवं तिलहन फसलों के लिए कुल प्रीमियम का 2 प्रतिशत एवं वाणिज्यिक फसलों के लिए 5 प्रतिशत देना होगा। उन्होंने बताया कि रबी 2020-21 में रबी फसलों में 4.73 लाख हैक्टेयर लक्ष्यों के विरूद्ध 5.80 लाख हैक्टेयर की बुवाई की गयी। उन्होंनेबताया कि उर्वरक बीज एवं पौधें संरक्षण रसायन सभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रही। उन्होंने बताया कि कृषि में अध्ययनरत 226 छात्राओं को 36.17 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। उपनिदेशक उ़द्यान जयनारायण स्वामी ने बैठक में उद्यान विकास के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2021 तक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 563.64 लाख व्यय किए गए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना में सॉलर पम्प के लिए 158 प्रशासनिक स्वीकृतिया जारी की गई है। इसमें 119 कृषकों के यहां सौलर पम्प लगाये जा चुके है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत 174.51 लाख का कार्य किया गया व बकाया दायित्व 81.91 लाख की मांग कर रखी है। उपनिदेशक कृषि व परियोजना निदेशक आत्मा हरीश मेहरा ने बैठक में बताया कि आत्मा की विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए 162.93675 लाख रूपए का व्यय किया गया। उन्होंने बताया कि खरीफ 2021 में मूंग (एमएच-421) के 1575 प्रदर्शनों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 42 किसान पाठशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।