एक रात शिव के नाम 11 को
सिरोही (जयन्तिलाल दाणा)। आम्बेश्वर महादेव मंदिर परिसर में महा शिवरात्रि पर्व की त्यौहारी पूर्ण जोरो पर आने वाली 11 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व की त्यौहारी का कार्य करीब पूर्ण हो चुका है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री आम्बेश्वर महादेव मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान लघुरूद्र, सढीपाठ, जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, शिव महारात्रि, अखण्ड़ ज्योति शिवरात्रि, महाभोग, शिव मृगार पुजन, महापुजन, शान्ति पाठ, भांग अभिषेक, भजन कीर्तन एवं सत्संग लाभ भक्तगण लेंगे। श्रद्धालुओं के लिए चाय पानी, प्रसाद, खीर वितरण की जाएगी। मध्यरात्रि को असंख्य ताम्बे के घड़ो से जलाभिषेक किया जाएगा। पुजारी इंदर महाराज ने बताया कि शिव स्वयं अपारंपरिक देव है वे ऐसे एक मात्र देव है जो फूलो और आभूषणो से खुद का श्रंृगार नहीं करते वे अपने शरीर पर भभूत लगाते है और हाथी व बाघ की चमड़ी लपेटते है। उनका श्र्रंगार सांप, जंगली धतूरे के फूलो और रूद्राक्ष से होता है। वे कैलाश पर्वत पर भक्तगणों के संग रहते है। उनकी ललाट पर स्थित अर्द्धचंद्र शायद एक और वजह है कि कृष्ण पक्ष की 13वीं रात शिव के लिए पुजनीय है। यहीं चंद्र शिवरात्रि की रात में भी दिखाई देता हैं। शिवरात्रि मनाने का उद्देश्य रातभर जागरण कर जीवन के द्वैतवातो, नश्वर इच्छा और अनश्वर परमानंद सांसारिक दायित्व और परकोकिक मुक्ति और भौतिक जरूरत व आध्यात्मिक भाग पर चिंतन करता है।