आफरी की कृषि वानिकी परियोजना को शोध प्राथमिकता समूह ने दी मंजूरी

जोधपुर। शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) जोधपुर द्वारा निर्मित पश्चिमी राजस्थान में इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र में किसाने के लिए उपयुक्त कृषि वानिकी मॉडल बनाने की परियोजना को भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद् देहरादून में शोध प्राथमिकता समूह की बैठक में मंजूरी दे दी है।
आफरी निदेशक एमआर बालोच ने बताया कि लगभग 500 किमी नहर जो मरूक्षेत्र से गुजरती है तथा इसमें कई स्थानों पर नहरी पानी आने के बाद से घास के मैदान, सिंचित खेती के मैदानों में बदल गए है लेकिन वृक्ष न के बराबर है। लगातार किसानों के आग्रह पर निदेशक आफरी के प्रयासों से परियोजना प्रभारी डॉ. बिलास सिंह द्वारा आफरी में शोध परामर्शी समूह की सहमति से यह योजना पारित की गई थी तथा इसे आज शोध प्राथमिकता समूह की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इस परियोजना में विभिन्न वृक्ष प्रजातियों यथा खेजडी, रोहिडा, शीशम के साथ बेर, गुंदा आदि के समन्वय के साथ कृषि कार्य किया जाएगा। परियोजना के माध्यम से मृदा परिवर्तन, आर्थिकी के साथ हरियाली एवं पर्यावरण संतुलन आदि का मूल्यांकन कर सबसे उपयुक्त मॉडल को किसानों हेतु अनुशंसा की जायेगी। जैसलमेर नहरी क्षेत्र के कुछ इच्छुक किसानों के मुरब्बों पर आफरी द्वारा पायलट प्रोजक्ट के तहत एमओयू के पश्चात् कृषि वानिकी के 3 नये मॉडल लगाये जाएंगे तथा 5 वर्षों (2021-2026) के बाद सफलतम मॉडल को किसानों द्वारा कृषि वानिकी हेतु अपनाने के लिये अनुशंसित किया जाएगा। किसानों में चेतना संधारण के साथ-साथ कृषि वानिकी के बारे में भी उनको प्रशिक्षित किया जाएगा।
शोध प्राथमिकता समूह की बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद् के महानिदेशक अरूण सिंह रावत ने अपने संबोधन में बैठक के सभी सदस्यों को हर परियोजना का विभिन्न पहलुओं से मूल्यांकन करने एवं जन हित तथा लोगों की आजिविका से जुडे सम्बन्धों के अनुरूप अनुशंसा करने का आव्हान किया। कार्यक्रम में उप महानिदेशक (शोध) डॉ. एसडी शर्मा ने समूह की बैठक के बारे में बताते हुए कहा कि इस बैठक में नवीन परियोजनाओं, अखिल भारतीय परियोजनाओं एवं देश की 13 नदियों के पुनरूद्र्धार हेतु विस्तृत कार्यरूप योजना आदि विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। अतिरिक्त महानिदेशक (पीएफ) डॉ. विमल कोटियाल ने विभिन्न संस्थानों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
आफरी के समूह समन्वयक (शोध) डॉ. जी. सिंह ने बताया कि इस शोध प्राथमिकता समूह बैठक में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद् के 9 संस्थानों के निदेशक एवं समूह समन्वयक (शोध), उपमहानिदेशक, सहायक महानिदेशक के साथ-साथ वन विशेषज्ञ, कृषि विशेषज्ञ, आईआईटी रूडकी के सदस्य आदि भाग ले रहे है तथा विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा कर उन्हें अंतिम रूप में मंजूरी दी जाएगी तथा वर्तमान में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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