बिना रजिस्ट्रेशन करवाये किसी भी लैब में पैरामेैडिकल स्टाफ अब कार्य नहीं कर सकेंगें।
पाली। राजस्थान पैरामैडिकल कौन्सिल में बिना पंजीकरण करवाये अब ना तो सरकारी एवं ना ही निजी क्षेत्र में संचालित पैथोलोजी लैबोरेटरी, एक्स-रे सैण्टर एवं अन्य पैरामैेडिकल केन्द्रों पर कार्यरत टैक्नीषियन्स अब कार्य नहीं कर पायेंगेंे। अब इन केन्द्रों पर कार्य करने वाले समस्त तकनीकी स्टॉफ का राजस्थान पैरामैेडिकल कौन्सिल में रजिस्ट्रेशन करवाया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर. पी. मिर्धा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी किये गये दिषानिर्देषानुसार समस्त प्रकार की लैबोरटरी एवं जांच केन्द्रों पर राजस्थान पैरामैेडिकल कौन्सिल में बिना पंजीयन के कार्य करने को अवैध माना जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक (जन स्वास्थ्य) द्वारा इस आशय के निर्देश 1 फरवरी 2021 को निदेशालय स्तर से जारी किए गये हैं। इन आदेषों की सभी जिलों में पालना करने के निर्देष प्राप्त हुये हैं, जिनकी पाली जिले में भी शीघ्र पालना की जायेगी।
सीएमएचओ डाॅ. मिर्धा ने बताया कि पाली जिले में संचालित समस्त सरकारी एवं निजी लैबोरेटरी, एक्स-रे सैण्टर एवं अन्य जांच केन्द्रों पर कार्यरत समस्त लैबोरेटरी टैक्नीशियन, रेडियोग्राफर, डेण्टल टैक्नीशियन, आॅपरेषन थियेटर टैक्नीशियन, डायलेसिस टैक्नीषियन्स, कैथलेेब टैक्नीशियन, ई.सी.जी.टैक्नीषियन्स, आॅप्थैलिक एसिस्टैन्ट, ब्लड बैंक टैक्नीशियन आदि को राजस्थान पैरामेडिकल कौंसिल से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा, अन्यथा वे कार्य करने हेतु अधिकृत नहीं माने जायेंगें। ऐसे केन्द्रों को बन्द करवाये जाने की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2014 में जारी गजट नेाटिफिकेषन के अंतर्गत राजस्थान पैरामेडिकल कौंसिल अधिनियम 2008 की धारा 38 के अनुसार उक्त समस्त प्रकार के कार्मिकों को राजस्थान पैरामेडिकल कौंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाया जाना अनिवार्य है। उक्त आदेषों की पालना हेतु सर्वप्रथम जिले के समस्त जांच केन्द्रों की शीघ्र ही एक बैठक आयोजित कर उन्हें इस अधिनियम की जानकारी दी जायेगी तथा पंजीकरण करवाने हेतु कुछ समय दिया जायेगा, जो इस नियम की पालना नहीं करेंगें,उन केन्द्रों को बन्द करने की कार्यवही की जायेगी। ऐसे केन्द्रों को अनाधिकृत मानते हुये वहां पर किये जाने वाले जांच कार्य को गैर कानूनी मानकर उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।