पशुओं में नस्ल सुधार पर प्रशिक्षण दिया
जोधपुर। पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र (वीयूटीआरसी) जोधपुर पर कृृषि प्रौद्योगिकी प्रबन्धन अभिकरण (आत्मा) द्वारा प्रायोजित पशुपालन को लाभकारी बनाने हेतु पशुओं में नस्ल सुधार विषय पर दो दिवसीय पशुपालक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
केन्द्र के प्रभारी डॉ. टीकम गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्माराम चौधरी व पशुपालकों का स्वागत कर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ किया। डॉ. गोयल द्वारा पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार विषय के बारे मे विस्तार से जांनकारी दी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्माराम चौधरी ने पशुपालकों को देशी गौवंश की विभिन्न नस्लों थारपारकर, साहिवाल, गिर, राठी इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी व पशुपालकों को देशी गौवंश पालने के लिए प्रेरित किया। केन्द्र पर कार्यरत डॉ. अमित कुमार चोटिया ने डेयरी व्यवसाय के लिए उतम गुणवता के दुधारू पशु के चयन के समय ध्यान में रखी जाने वाली मुख्य बातों के बारे में पशुपालकों को अवगत कराया तथा पशुओं की विभिन्न संक्रामक बीमारियों से बचाव एवं टीकाकरण के बारे में विस्तार से बताया तथा जैविक पशुपालन को अपनाने के लिए पशुपालकों केा प्रेरित किया। केन्द्र पर कार्यरत डॉ. महेन्द्र पाल पूनिया ने प्रजनन रोग व पशु प्रजनन के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। शिविर में उपस्थित विशेशज्ञों द्वारा पशुपालकों का विभिन्न समस्याओं का समाधान किया गया। शिविर के समापन पर पशुपालकों को प्रशिक्षण मार्गदर्शिका एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर में बिलाड़ा पंचायत समिति के 30 प्रगतिशील पशुपालकों ने भाग लिया। शिविर के समापन से पूर्व आयोजित प्रश्नोतरी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे पशुपालकों को पुरस्कृृत किया गया।