विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी आवश्यक: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री का जोधपुर दौरा : मुख्यमंत्री ने दिव्य रामकथा एवं नवकुण्डीय यज्ञ में की शिरकत

संत-महंत और ऋषि-मुनि समाज को दिखाते हैं जीवन की सही दिशा
जोधपुर/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति कर्तव्यों पर आधारित रही है और इन्हीं कर्तव्यों के पालन से रामराज्य की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि आज समाज में अधिकारों की चर्चा अधिक होती है, जबकि कर्तव्यों के प्रति सजगता आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा और संस्कारों के माध्यम से ही हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री शनिवार को जोधपुर जिले के ग्राम केलावा खुर्द स्थित केशव प्रिया गोशाला में आयोजित दिव्य रामकथा एवं नवकुण्डीय यज्ञ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने व्यासपीठ के संत श्री मुरलीधर जी महाराज से आत्मीय भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि संत, महंत और ऋषि-मुनि सदैव समाज को सही मार्ग दिखाने का कार्य करते आए हैं। हमारी हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति और परंपराएं आज भी समाज को जीवन जीने की दिशा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संतों के सान्निध्य में बिताया गया थोड़ा समय भी जीवन को नई सीख और प्रेरणा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्श आचरण और कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है। रामायण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य समाहित हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास संपूर्ण रामायण पढ़ने का समय नहीं है तो वह सुंदरकांड का पाठ अवश्य करे, उसमें जीवन का सार मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी कर्म को सर्वाेपरि बताते हुए कर्म करने और फल की चिंता न करने का संदेश दिया है।

*युवा पीढ़ी को संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना जरूरी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले परिवारों में बुजुर्ग बच्चों को रामायण, महापुरुषों एवं ऋषि-मुनियों के प्रेरक प्रसंग सुनाते थे, जिससे नई पीढ़ी को संस्कार और जीवन मूल्य प्राप्त होते थे। बदलते समय में यह परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए समाज में समरसता, पारस्परिक सहयोग और सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव का भाव आवश्यक है। हमारी संस्कृति पर्वतों, नदियों और वृक्षों में भी ईश्वर का वास मानकर उनके प्रति श्रद्धा का भाव रखती है। इस समृद्ध विरासत को संजोकर रखना हम सभी का दायित्व है।

इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, संसदीय कार्य, विधि एवं विधि कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद पी.पी. चौधरी, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, विधायक भैराराम सियोल, अर्जुन लाल गर्ग, अतुल भंसाली, प्रियंका चौधरी, पब्बाराम विश्नोई सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, संतजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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