मोहर्रम को लेकर जोधपुर में तैयारियां तेज, अखाड़ों में युवाओं का अभ्यास जारी
जोधपुर। मोहर्रम पर्व को लेकर जोधपुर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मुस्लिम समाज के युवा एवं उस्तादों की अगुवाई में विभिन्न अखाड़ों में पारंपरिक करतबों का नियमित अभ्यास किया जा रहा है।
शहर के बम्बा मोहल्ला, गुलजारपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवा पारंपरिक युद्ध कलाओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। अनुभवी उस्तादों के मार्गदर्शन में युवाओं को पारंपरिक कला-कौशल एवं अखाड़ा प्रदर्शन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे मोहर्रम के अवसर पर होने वाले आयोजनों में वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
मोहर्रम के जुलूसों में शामिल होने वाले आकर्षक ताजियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर कारीगर ताजियों की सजावट और निर्माण कार्य में व्यस्त हैं, ताकि श्रद्धालुओं को भव्य और आकर्षक प्रस्तुति देखने को मिल सके।
आयोजकों एवं स्थानीय प्रबंधन समितियों द्वारा शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत की याद में आयोजित होने वाली मजलिसों एवं धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया है। इस अवसर पर मोहर्रम एकता कमेटी के अध्यक्ष उस्ताद हाजी हमीम बक्ष ने कहा कि मोहर्रम त्याग, बलिदान, सत्य और इंसाफ का संदेश देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि मोहर्रम के आयोजनों में श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के साथ भाग लें तथा सामाजिक सौहार्द को बनाए रखें।
इस दौरान समाजसेवी रियाज खान मुल्लाजी, फिरोज खान, इंसाफ भाईजान, मेहबूब खान भूरा भाई, शाकीर खान पप्सा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
26 की शाम को ताजिया मियों की मस्जिद से महावतों की मस्जिद ले जायेंगे जिसमें युवा कैंची, लाठी, बन्नाठी से के करतब दिखाएंगे। महावतों की मस्जिद से वापस मियों की मस्जिद ताजिये को लाकर रात 10 बजे खोलकर 11 बजे इमाम बाड़े में रख कर मोहर्रम पर्व का समापन किया जायेगा।
मोहर्रम एकता कमेटी के अध्यक्ष हमीम बक्ष ने बताया इस बार 27 जगहों पर ताजिये खड़े किये जायेंगे। सबसे बड़ा ताजिया लायकान मोहल्ले में लगभग 32 फूट का होगा। वहीं मोती चौक, लखारा बाजार, उम्मेद चौक, गोलनाड़ी, गुलजारपुरा, खाण्डा फलसा, नियारियों का मोहल्ला, इस्हाकिया स्कूल, शाहों का बास, सिफत हुसैन दरगाह, मसूरिया, सोजती गेट के अन्दर, आखलिया चौराहा, खेतानाड़ी, महावतों की मस्जिद, मियों की मस्जिद आदि जगहों पर ताजिया खड़े होंगे। हमीम बक्ष ने बताया 29 जून को फूल प्यालों की रस्म रात 10 बजे से सुबह तक अदा होगी।