आल इण्डिया कौमी एकता कमेटी ने मनाया गणतंत्र दिवस
जोधपुर। 75वें गणतंत्र दिवस पर आल इण्डिया कौमी एकता कमेटी के द्वारा गीता भवन के प्रांगण मे झण्डा रोहण कर राष्ट्रीय पर्व को गरीमामय व हर्षाेल्लास पूर्ण मनाया गया व सभी देशवासियों को एकता व सदभावना का संदेश देते हुये 75वें गणतंत्र दिवस की बधाई व शुभकामनाएँ प्रेषित की गई।
अमन व भाईचारा की प्रार्थना के साथ सभी का मुंह मीठा कराया गया। राष्ट्रीय समारोह कमेटी के अध्यक्ष राजेश लोढा की अघ्यक्षता मे कमेटी के माननीय सदस्यों व निम्न पदाधिकारीयों ने समारोह में सम्मिलित होकर राष्ट्रीय पर्व मनाया। हाजी अब्दुल गनी, महासचिव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. साजिद निसार, डॅा. कांतेस खेतानी, फादर रेव्ह कुरूस लोयल, सचिव मुहम्मद सदाकत उल्लाह सोमदत्त हर्ष, डा० जेबा रशीद, प्रेमलता परिहार उपाध्यक्ष, डॉ. रेहाना बेगम, डॉ. मरजीना, रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर एज्यूकेशन मोहम्मद शमीम, ठेकेदार रमजान अली, सचिव, डा० कमल मैहनोत, डा० शबनम खान, प्रोफेसर डा0 राजेन्द्र तातेड़ ,मुजिबुर्रहमान, अशोक चन्द कोठारी, राजेश जी कश्यप, अमलोक सिंह, रामस्वरूप राठी, डॉ. अरूण अचारिया, सरदार चरणजीत सिंह छाबडा, उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष हरीश कुमार व अन्य सभी गणमान्य व प्रबुद्धजनों की उपस्थिति मे सचिव सदाकत उल्लाह ने नये सदस्यों को अवगत करवाने के लिए कमेटी के संक्षिप्त इतिहास का वर्णन करते हुये कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वतंत्रता के महत्व को समझना होगा। हकीकत मे यह संविधान दिवस है।
इसी दिन हमें संविधान रूपी अनुशासन व मर्यादित जीवन मे बांधा गया दुनिया के सबसे उत्तम कायदे नियमों के सविधान रूपी बंधन मे हमे पिरोया गया। यह हम सबके लिए बहुत ही गर्व की बात है उच्च चरित्र आला किरदार के जीवन की अवधारणाओं ने हजारों सालों से इस देश को बांध रखा है नई पीढ़ी किसी अनुशासन में बन्धना नहीं चाहती। संविधान का मतलब ही अनुशासित जीवन व्यतीत करना है। ‘जो ना अब तक हुआ कर दिखाएगें हम, गैर को भी गले से लगाऐंगें हम। अपने हिन्दोस्तां को खुदा की कसम, फिर से सोने की चिड़िया बनाऐगा हम।‘
इस अज़्म के साथ ही अपने उद्बोधन को विराम देते हुये इस अवसर समस्त मेम्बरान व सभी पदाधिकारियों को सामाजिक सरोकार के सेवा कार्यों के लिए अध्यक्ष राजेश लोढा ने धन्यवाद दिया। दो मिनट का मौन रखकर संस्था के अपाघ्यक्ष दिवंगत स्वर्गीय रेव्ह जितेन्द्र नाथ प्रेसबिटर इंचार्ज एसएम चर्च को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।