भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर में तकनीकी हिंदी संगोष्ठी का आयोजन

राजभाषा हिंदी के माध्यम से जन-साधारण के मध्य संवाद स्थापित किया जाना एक वृहत लक्ष्य हैं 

जोधपुर । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर में तकनीकी हिंदी संगोष्ठी का आयोजन किया गया । भारत सरकार की राजभाषा नीति के अनुसार राजभाषा हिंदी के माध्यम से जन-साधारण के मध्य संवाद स्थापित किया जाना एक वृहत लक्ष्य हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधान के बारे में जागरूकता बढ़ाते हुए और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में राजभाषा हिंदी की भूमिका को मद्देनजर रखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर द्वारा पहली बार तकनीकी हिन्दी संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।

स्वागत व्याख्यान निदेशक महोदय, भा. प्रौ. सं. जोधपुर द्वारा दिया गया । उन्होनें भा. प्रौ. सं. जोधपुर में दी जा रही तकनीकी शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप दिये  जाने पर प्रकाश डाला तथा इसी कड़ी में इस तकनीकी संगोष्ठी के आयोजन किये जाने पर चर्चा की।

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि श्री पंकज कुमार सिंह, मंडल रेल प्रबंधक एवं अध्यक्ष नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति (नराकास) जोधपुर थे। तकनीकी हिंदी संगोष्ठी का उद्घाटन भाषण श्री पंकज कुमार सिंह द्वारा दिया गया। श्री सिंह ने सरकारी कामकाज में हिंदी के उपयोग पर प्रकाश डाला और भारतीय रेलवे में काम करने के साथ-साथ अपने अध्ययन काल के दौरान अपने पिछले अनुभवों को साझा किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं उत्साहवर्धन किया तथा ऐसे आयोजन के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर को धन्यवाद दिया ।

सेमिनार को विभिन्न विषय विशेषज्ञों जिनमें डॉ. मेहर वान सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस कम्युनिकेशन एंड पॉलिसी रिसर्च, नई दिल्ली; श्री कुमार पाल शर्मा, उप निदेशक (कार्यान्वयन), राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली; श्रीमती मीतू माथुर बधवार, अनुवादक, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड; प्रो. राजेश कुमार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर में भौतिकी विभाग में आचार्य एवं डॉ. आनंद मिश्रा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर ने भी संबोधित किया एवं विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता की ।

इस संगोष्ठी में दो मुख्य शीर्षकों 1. आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का सतत विकास  2. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हो रहे मौलिक एवं नवीनतम प्रयास के साथ साथ शैक्षणिक सत्र एवं राजभाषा सत्र को समावेशित किया गया था । इसके अंतर्गत कुल 84 आलेख प्रविष्टियों के रुप में प्राप्त हुए जिनमें से 74 आलेख प्रकाशन हेतु चुने गए हैं । चयनित लेखों को एक आलेख संग्रह का रूप दिया गया ।

राजभाषा सत्र के रूप मे एक प्रशिक्षण सत्र का भी आयोजन किया गया जिसका संचालन सदस्य सचिव, नगर राजभाषा श्री शिवचरण बैरवा (उत्तर पश्चिम रेलवें मंडल जोधपुर) द्वारा किया गया । आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर सौमित्र कुमार सनाढ्य के द्वारा विजेताओं को प्रमाण पत्र वितरण किये गये।   तकनीकी हिन्दी संगोष्ठी 2023 के सचिव एवं हिन्दी अधिकारी डॉ. नितिन भाटिया के धन्यवाद ज्ञापन भाषण के साथ ही संगोष्ठी का समापन किया गया ।

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