दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा भव्य भागवत कथा शुरू
परमात्मा का दर्शन घट भीतर ही संभव : साध्वी सुश्री स्वाति भारती जी
जोधपुर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में 24 सितंबर से 30 सितंबर तक तिंवरी में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक व संचालक सर्व श्री आशुतोष महाराज जी हैं। सांस्कृतिक पुरुष श्री आशुतोष महाराज जी ने विश्व में बंध्ुत्व और शांति की स्थापना हेतु इस संस्थान का निर्माण किया है। इन्हीं युगपुरुष के आशीर्वाद से उनकी शिष्या साध्वी स्वाति भारती ने कथा प्रथम दिवस श्रीमद्भागवत कथा का माहात्म्य सुनाया|
कथा प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं से वैदिक काल की तरह पुनर्जागृत होने का आह्वान किया| समृद्धशाली भारतीय संस्कृति से परिचित करवाकर सच्चे अर्थों में भारतीय बनने की प्रेरणा दी गई| स्कन्द पुराण में भगवान् शिव द्वारा बताए आत्म-तीर्थ से भी अवगत करवाया गया| साध्वी जी ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने यशोदा मैया को अपने मुख में ब्रह्मांड दिखाकर यथा पिंडे तथा ब्रह्मांडे के वैदिक सिद्धांत को समझाया| विभिन्न शास्त्र ग्रंथों से उदाहरण देकर इस बात की पुष्टि भी की गई| जैसे फूल में सुगंध,तिल में तेल,लकड़ी में अग्नि,ईख में गुड़ समाया है,ऐसे ही इस मानव देह के भीतर परमात्मा और उसकी सृष्टि विद्यमान है| लेकिन जैसे माइक्रोस्कोप के द्वारा सूक्ष्म जीवाणुओं को देखा जाता है,ऐसे ही उस परमात्मा को दिव्य दृष्टि के द्वारा देखा जाता है| भगवद्गीता में भगवान श्री कृष्ण व कूर्म पुराण में माँ ने इसी दिव्य दृष्टि द्वारा अर्जुन एवं हिमवान को अपने वास्तविक रूप का दर्शन करवाया| उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे एक छोटी सी माइक्रोचिप में हजारों गीगाबाइट data को इकट्ठा किया जाता है,ऐसे ही परमात्मा और उसका ऐश्वर्य हमारे इस शरीर में समाया है| जरुरत है तो बस अध्यात्म विज्ञानी सतगुरु के पास जाकर उसे decode करने की विधि जानने की| सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से आज अनेकों श्रद्धालुओं ने उस परमात्मा का अपनी देह के भीतर ही दर्शन किया है|
साध्वी जी ने नशे द्वारा समाज की तबाही पर भी चर्चा की| उन्होंने बताया कि लाखों लोगों ने परमात्मा के नाम रुपी आनंद अमृत का पान कर नशे को सदा के लिए अलविदा कह दिया| बोध प्रकल्प के माध्यम से आज हर आयु वर्ग के लोगों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जाग्रति के साथ-साथ नशे से मुक्ति भी प्रदान की जाती है| दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के छत्र तले अनेकों ब्रह्मज्ञानी जन शाश्वत अध्यात्म से जुड़ हर बुराई का उन्मूलन कर रहे हैं|
इस सरस आयोजन में भजनों का गायन सुश्री परमायोगा भारती जी, सुश्री मंदाकिनी भारती जी, सुश्री कात्यायनी भारती जी, सुश्री सुमन भारती जी के द्वारा किया गया| इन भजनों को ताल व लयबद्ध किया- सुश्री पंचरत्ना भारती जी, सुश्री प्रियंका भारती जी, सुश्री रागिनी भारती जी व गुरुभाई पार्थ ने| कथा में अथिति गण के रूप में श्रीमान अचलसिंह गहलोत(सरपंच एवं पंचायत समिति अध्यक्ष तिवरी) द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया इस सात दिवसीय कथा द्वारा श्रद्धालुगण प्रभु की अनेक लीलाओं का आनंद लेते हुए अपने जीवन को लाभान्वित कर पाएँगे|