एक्सटेंशन लेक्चर सीरीज-प्रथम व्याख्यान प्रोफेसर डी. पी. शर्मा ने दिया व्याख्यान
जोधपुर। कला, शिक्षा एवं समाज विज्ञान संकाय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के अन्तर्गत प्रथम व्याख्यान विकेन्द्रीकृत विस्तार व्याख्यान श्रृंखला के तत्वाधान में इतिहास विभाग में सत्र 2023-24 का प्रथम व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता प्रख्यात् पुरातत्त्वविद भारत कला, भवन म्यूजियम, हिन्दु विश्वविद्यालय के निदेशक रहे प्रोफेसर डी. पी. शर्मा थे।
प्रो. शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका में भी उत्खनन में भाग लिया हैं। उनके द्वारा सिन्धु घाटी सभ्यता के विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने पावर पाइन्ट प्रजेन्टेशन में सभी स्थलों के चित्रों के माध्यम से नगर नियोजन, व्यापार व्यवस्था व सामाजिक जीवन से संबंधित तत्वों को प्रस्तुत किया। उनके द्वारा सिंधु सभ्यता के तकनीकी विकास को भी तथ्यों के माध्यम से दर्शाया गया। सिंधु सभ्यता एक विकसित नगरीय सभ्यता थी इसको उन्होंने अपने तर्को के माध्यम से दर्शाने का प्रयास किया। उन्होंने ब्लूचिस्तान, सिंध, मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, बनवाली, लोथल व कालीबंगा जैसे स्थलों पर भी प्रकाश डाला। प्रो. शर्मा ने हड़प्पा कालीन लिपियों की चर्चा करते हुए कहा कि हड़प्पा काल में चित्राक्षर लिपि के अलावा ब्राह्मी लिपि का प्रारम्भिक स्वरूप भी देखा जा सकता हैं।
प्रो. शर्मा अमेठी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों पर विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं। व्याख्यानमाला के अवसर पर प्रो. शिव कुमार भनोत, प्रो. अरविन्द परिहार, प्रो. सुशीला शक्तावत, डॉ. रश्मि मीना, डॉ. राजेन्द्र सहित शिक्षक, शोधार्थी व विद्यार्थी उपस्थित रहे। विभागाध्यक्ष प्रो. सुशीला शक्तावत के द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया व कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. भरत देवड़ा ने किया।