दरगाह ईरानी शाह रहमतुल्लाह अलैह का 153 वां उर्स सम्पन्न
जोधपुर। शिप हाउस पावटा पोलो स्थित दरगाह ईरानी शाह रहमतुल्लाह अलैह का 153वां उर्स अकीदत व अहतराम के साथ मनाया गया। दरगाह सदर व मस्जिद मुतव्वली इलाही बक्श छुट्टन ने बताया कि उर्स में सबसे पहले झण्ड़े की रस्म अदा हुई। प्रदेश भर से आये विभिन्न समुदाय के जायरीन की ओर से दरगाह में चादर शरीफ व फूल पेश कर कौमी एकता की मिसाल पेश की गई।
दरगाह खादिम मोहम्मद याकूब ने बताया कि बाद नमाजे मगरीब राजस्थान के प्रसिद्ध कव्वाल इरफान तुफैल पार्टी ने हमारे प्यारे नबी की शान में बेहतरीन कव्वाली से माहौल को सूफियाना कर दिया।
ईशा की नमाज के बाद ईरानी मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना मोहम्मद स्वालेह अशरफी ने औलिया इक़राम (सूफी सन्तों) की जिन्दगी पर रोशनी डालते हुए तकरीर (भाषण) में कहा कि उनका आदर्श था कि हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हम सब एक मालिक के बन्दे है। हमे बेहतरीन तालीम हासिल कर कौमी एकता, भाईचारे, इन्सानियत के साथ रहते हुए जाति, रंग, नस्ल व नाम से किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए।
नागौरी गेट सिंधी भुट्टो मस्जिद के इमाम मौलाना लियाकत अली अजहरी व छीपा कॉलोनी खतीब हाफिज शाह मोहम्मद कादरी ने नमाज़ को पाबन्दी के साथ पढने व जाहिलियत (अशिक्षा) की बुरी रस्मों को खत्म करने का पैगाम दिया। उन्होंने नौजवानों से अच्छे लोंगों की सोहबत में बैठने तथा जुआ, शराब, चरस, अफीम सट्टा आदि बुराईयों से दूर रहने की अपील की।
अंत में रंग के कलाम पढे गये। उर्स में हिन्दू-मुस्लिम जायरिनों सहित वार्ड पार्षद शैलजा परिहार, एड़वोकेट हाजी आगा खान, समाजसेवी कदीर बक्श, मोहम्मद हुसैन, शकील बक्श, बन्टी साउन्ड, चांद भाई सहित शहर भर से आये जायरीन ने शिरकत की। नातखां टीपू सुल्तान ने नात पढी। मोहम्मद याकूब ने सलातो सलाम पढा। आखिर में मुल्क में अम्नोशान्ति, आपसी भाईचारा व खुशहाली की दुआ हुई। सभी को लंगर व शीरनी तकसीम की गई।