टेन्ट व्यवसायियों को राज्य सरकार की राहत का इंतजार
एडवांस राशि अगले शादी समारोह कार्यक्रम में समायोजित करने की मांगी रखी
शादी समारोह में अधिक छूट देने की मांग की
सेवा भारती समाचार
जोधपुर। त्रिस्तरीय लॉक डाउन के बाद मॉडिफाई लॉकडाउन में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले लोगों को छूट प्रदान करते हुए राहत प्रदान की गई। वहीं विवाह समारोह या अन्य समारोह से जुड़े व्यवसाय टेन्ट और लाइट डेकोरेशन को कोई राहत प्रदान नहीं की गई। ऐसे में जोधपुर टेन्ट एसोसिएशन ने अपनी पीड़ा राज्य सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य एक पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया।
संगठन के महासचिव शिवकुमार भाटी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा 31 मई 2021 को जारी गाइड लाइन में विवाह समारोह के आयोजन को 30 जुन 2021 तक बन्द रखा गया है। जबकि टेन्ट एसोसिएशन की तरफ से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास विधानसभा के मुख्य सचेतक महेश जसमा क्षेत्र के विधायक अमीनो एवं समस्त राजस्थान के 25 सांसदों को मेल भेज कर ज्ञापन दिया गया था व हमारी समस्या से अवगत कराया जो निम्न है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विवाह समारोह अन्य व्यवसाय पर 30 जून तक रोक लगाई थी। लेकिन अब सरकार ने अन्य व्यवसायियों को रियायत दी है ऐसे में टेन्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी राहत प्रदान की जाए। राज्य सरकार द्वारा सिटी बसों व रोडवेज का संचालन शुरू किया जा चुका है। ऐसे में विवाह समारोह में तोरण गेट लगना और वर द्वारा घोड़ी पर बैठ कर तोरण मारना धर्म के अनुसार होता है। परन्तु सरकार ने सभी पर पाबन्दी लगा दी जो तर्कसंगत नहीं है। पूर्व विवाह समारोह को लेकर टेंट व्यवसायियों ने बुकिंग की अग्रीम राशि लौटाने के विषय को लेकर टेन्ट प्रतिनिधियों ने सरकार तथा सरकार के प्रत्येक विधायक से संपर्क करके अपनी समस्या बताई गई थी। इसके अलावा राजस्थान के 25 सांसदों से भी संगठन के पदाधिकारियों ने संपर्क किया था।
वहीं जोधपुर टेन्ट ऐसोसिएशन व राजस्थान टेंट डीलर्स किराया व्यवसाय समिति जयपुर, राज्य सरकार द्वारा नई गाइडलाइन सभी को छूट 11 बजे तक दी है। लेकिन जब सरकार ने धार्मिक, सांस्कृतिक व राजनीतिक कार्यक्रमों पर 30 जून तक रोक लगा रखी है। ऐसे में टेन्ट व्यापारी अपने जीवन को कैसे चलाए? कैसे बिजली का बिल भरे ? कैसे अपने कर्मचारियों को वेतन दे? कैसे अपने गोदामों का किराण दें। सरकार से हमें किसी प्रकार की कोई रियायत नहीं दी गई। हम सरकार से मांग करते है कि किसान क्रेडिट कार्ड के जैसे हमे भी टेन्ट कार्ड जारी किए जाए और हमे आर्थिक मदद दी जाये।