मानसिक असंतुलन से सडक़ दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी: डॉ. शर्मा
जोधपुर। कोरोनाकाल में बढ़ती मानसिक बीमारियों के कारण आम व्यक्ति का जीवन उतना स्वस्थ नहीं रह पा रहा है। खासतौर से युवाओं में अनिद्रा की समस्या लगातार बढ़ रही है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कोरोना काल और युवकों में बढ़ती मानसिक बीमारियां विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन लाल बूंद जिंदगी के कार्यालय में रखा गया।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ नगेंद्र शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में आम व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निश्चित रूप से बुरा असर पड़ा है, खास तौर से युवाओं में अनिद्रा की समस्या बढ़ी है जिसके कारण उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन, लगातार सिर दर्द की शिकायत, नशे की गोलियों मादक पदार्थों का सेवन बढ़ा है। पूरी तरह से नींद नहीं आने के कारण सडक़ पर वाहन चलाते वक्त मानसिक संतुलन बिगडऩे के कारण सडक़ दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी और धीरे धीरे मानसिक अवसाद के बीमारों की संख्या बढ़ी है। इसका मुख्य कारण कोरोना के कारण युवाओं में अपने भविष्य को लेकर चिंता होना है।
स्कूलों के बंद होने के कारण बच्चों के व्यवहार में परिवर्तन हो रहा है। लगातार ऑनलाइन शिक्षा के कारण मोबाइल और इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के ज्यादा उपयोग के कारण होने वाले दूसरे दुष्प्रभाव भी युवाओं में मानसिक बीमारियां बढ़ा रहे हैं। इन सब मानसिक बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि अनिद्रा की समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें और अपने मानसिक संतुलन को बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार का सेवन, योगा और मेडिटेशन का सहारा लें ताकि इस महामारी काल में होने वाली मानसिक बीमारियों से बचा जा सके। कार्यक्रम के अंत में युवाओं द्वारा पूछे गए सभी सवालों के उत्तर डा नगेंद्र शर्मा ने दिए। कार्यक्रम में लाल बूंद जिंदगी के अध्यक्ष रजत गौड़ ने भी अपने विचार रखे। संस्था के सचिव रवि तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।