आलोचक मोहन कृष्ण बोहरा को मिलेगा बिहारी पुरस्कार

जोधपुर। केके बिरला फाउंडेशन के वर्ष 2020 के बिहारी पुरस्कार के लिए प्रसिद्ध आलोचक मोहनकृष्ण बोहरा की कृति तसलीमा: संघर्ष और साहित्य को चुना गया है। इस पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, एक प्रतीक चिन्ह व ढाई लाख रुपए की राशि भेंट की जाती है। यह तीसवां पुरस्कार है और 1991 से शुरू किया गया था। यह पुरस्कार राजस्थान के हिन्दी और राजस्थानी के साहित्यकारों को प्रतिवर्ष दिया जाता है।
मोहन कृष्ण बोहरा का जन्म 27 जुलाई 1939 को जोधपुर में हुआ। आपने हिन्दी और अंग्रेजी में एमए जोधपुर के एसएमके कॉलेज से किया। उसके बाद 1962 से 1997 तक राजस्थान सरकार के कॉलेज व शिक्षा विभाग में कार्य करते हुए संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत हुए। अब तक लगभग एक दर्जन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं जैसे एलियट और हिन्दी साहित्य, शिलीमुख, आलोचना के पूर्व आयाम, समकालीन उपन्यास: पाठ और पुन: पाठ ,रचनाकार का संकट, आलोचना के परिदृश्य आदि। संगीत नाटक अकादमी दिल्ली से आपकी किताब कठपुतली कला के पुनराविष्कार कर्ता लोक के शास्त्र के प्रथम प्रणेता: देवीलाल सामर ऐसे वक्त आई है जब देश पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने का उत्सव मना रहा है।

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Gulam Mohammed

(EDITOR SEVA BHARATI NEWS) ==> Seva Bharti News Paper Approved Journalist, Directorate of Information and Public Relations, Rajasthan, Jaipur (Raj.), Mobile 7014161119 More »

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