नगर निगम आयुक्त ने मुख्य सफाई निरीक्षक व वार्ड प्रभारियों की बैठक ली
जोधपुर। नगर निगम आयुक्त दक्षिण डॉ अमित यादव ने मुख्य सफाई निरीक्षक, वार्ड प्रभारियों की बैठक ली और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में आयुक्त यादव ने सभी मुख्य सफाई निरीक्षक व वार्ड प्रभारियों को निर्देशित किया कि निगम की अनुमति के बिना निगम के सामुदायिक भवन, गार्डन व निगम की खाली पड़ी भूमि का उपयोग नहीं करेंगे, साथ ही निगम की बिना अनुमति के चल रहे सरस केबिन की सूची भी संबंधित कार्यालय में प्रेषित की जाएगी। यादव ने कहा कि निगम की संपत्ति पर लगे निजी विज्ञापन होर्डिंग्स को हटाने की कार्रवाई की जाए ताकि शहर की सुंदरता को निखारा जा सके। बैठक में नगर निगम आयुक्त दक्षिण डॉ. अमित यादव ने सभी वार्ड प्रभारियों के मुख्य समय निरीक्षकों को प्रतिदिन 50 फीडबैक करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एप पर अधिक से अधिक लोग निगम की कार्यप्रणाली को लेकर अपना फीडबैक दें, इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम चलाया जाए और प्रतिदिन कम से कम अपने अपने क्षेत्रों में 50 से अधिक फीडबैक करवाए जाए।
नगर निगम आयुक्त दक्षिण डॉ अमित यादव ने बताया कि शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए नगर निगम के सभी अधिकारी व कर्मचारी सतत प्रयास कर रहे हैं। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। यादव ने बताया कि शहर के लोग अब स्वयं आगे आकर शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की मुहिम में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं, लेकिन साथ ही कुछ लोग बार-बार हिदायत देने के बावजूद भी शहर में विभिन्न जगह पर गंदगी फैला रहे हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। यादव ने बताया कि सभी मुख्य सफाई निरीक्षकों को मौके पर ही चालान जनरेट करने वाली ऑनलाइन मशीन उपलब्ध कराई गई है। इस मशीन के माध्यम से मुख्य सफाई निरीक्षक मौके पर ही गंदगी फैलाने वालों का चालान काटकर उन्हें रसीद दे सकेंगे। ऑनलाइन चालान काटे जाने से निगम की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी। मुख्य सफाई निरीक्षक के पास नकद या कार्ड से चालान राशि जमा कराई जा सकेगी
आयुक्त यादव ने बताया कि बार-बार आग्रह के बावजूद भी कचरा फैलाने वालों के विरुद्ध जुर्माना लगाया जाए। ठोस कचरा प्रबंधन के तहत सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर पर 200 रुपए, सडक़ पर गोबर फैलाने पर 100 रुपए, गली में कचरा फैलाने पर 200 रुपए, डस्टबिन में कचरा नहीं डालने पर 1000 रुपए, सरकारी भूमि पर मलबा डालने पर 500 रुपए का, पॉलिथीन का उपयोग करने पर 100 रुपए प्रतिदिन एवं सीवरेज कनेक्शन नहीं होने पर 5000 रुपए की जुर्माना राशि तय है।