काजरी निदेशक को विज्ञान अकादमी की फेलोशिप
सेवा भारती समाचार।
जोधपुर। केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के निदेशक डॉ ओपी यादव को इस वर्ष भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। उनके अनुसंधान का केंद्र बिंदु पारंपरिक और आधुनिक तकनीकी को उपयोग में लाकर संकर प्रजनन द्वारा फसलों की सूखा सहन करने की क्रिया विधि को समझना रहा है। इससे वैज्ञानिकों को सूखा प्रतिरोधी फसलों के विकास में महत्वपूर्ण मदद मिली है।
वे इस वर्ष देश के एकमात्र कृषि वैज्ञानिक हैं जिन्होंने 75 कृषि विश्वविद्यालयों और 100 से अधिक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 20000 से भी अधिक वैज्ञानिकों में से फेलोशिप के लिए चुना गया है। पिछले 5 वर्षों के दौरान केवल पांच कृषि वैज्ञानिकों को ही इस फेलोशिप से सम्मानित किया है। डॉ यादव के विश्व की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में 200 से भी अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। शोध से एक दर्जन से भी अधिक फसलों की नई किस्में विकसित की गई है जो कि देश के अलग-अलग हिस्सों में बहुत बड़े इलाके में उगाई जा रही है। इससे हर वर्ष किसानों को 2000 करोड रुपए से भी ज्यादा की अतिरिक्त आमदनी हो रही है।
डॉ यादव के पास कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान एवं प्रबंधन के तीन दशकों से भी अधिक का अनुभव है। वे 2015 से केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान के निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इससे पूर्व इन्होंने भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान व अखिल भारतीय बाजरा अनुसंधान के निदेशक के रूप में बहुत दृढ़ और अभिनव नेतृत्व प्रदान किया, जिसमें शोध के लिए भारी धनराशि को आकर्षित करना, बहुविषयक अनुसंधान को बढ़ावा देना, कृषि समुदायों के लिए तकनीकी को बढ़ावा एवं मानव संसाधनों का विकास करना शामिल हैं। डॉ यादव के नेतृत्व में काजरी ने 2018 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का सर्वश्रेष्ठ शोध संस्थान का पुरस्कार भी जीता है।