दिवाली पर जगमगाएंगे गाय के गोबर के दीपक
सेवा भारती समाचार।
जोधपुर। इस बार शहर में दिवाली पर चाइनीज दीपक की जगह गाय के गोबर से बने दीपक जगमगाते दिखाई देंगे। बाजारों में ये दीपक बिकने भी शुरू हो गए हैं। इस बार गोबर के दीपक लोगों के बीच आकर्षण के केंद्र बने हुए है। कहा जा रहा है कि गोबर के दीपक इको-फ्रेंडली हैं. इनसे पर्यावारण का कोई नुकसान नहीं होगा। ये मिट्टी में आसानी से मिल जाएंगे, जिससे जमीन की उर्वरक शक्ति और बढ़ जाएगी। गोबर व हवन सामग्री से तैयार दीपक दीपावली पर घर-घर वातावरण को शुद्ध और सुगंधित करेंगे। जलने के बाद शेष दीपक पेड़ पौधों में खाद के रूप में काम आ सकेंगे। गाय के गोबर को हिन्दू परंपरा में शुद्ध माना जाता है। ये आसानी से विघटित हो जाता है। यही वजह है कि गोबर को खाद के रूप में उपयोग किया जाता है। ऐसे में गोबर के बने इन दीपकों का उपयोग करने के बाद खाद के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दीपावली पर दीपकों के साथ ही गाय के गोबर से 12 फोडक्ट्स तैयार किए हैं। धूपबत्ती, शुभ-लाभ, स्वस्तिक, अगरबत्ती, मोमबत्ती, समरणी, वॉल-पीस, हवन सामग्री, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, पेपर-वेट, हार्डबोर्ड तैयार किए गए हैं।