संभागीय आयुक्त ने चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में बैठक ली
सेवा भारती समाचार।
जोधपुर। संभागीय आयुक्त डॉ समित शर्मा ने अपने कक्ष में कोविड व नॉन कोविड चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में उप प्राचार्य, तीनों अस्पतालो के अधीक्षकों, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक व सीएमएचओ व अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों की बैठक ली।संभागीय आयुक्त ने बैठक में कहा कि जो भी मरीज अस्पतालों में भर्ती हो उसको दवा लेने काउन्टर पर नहीं जाना पड़े, बेड पर ही दवा मिले। प्रत्येक वार्ड इंचार्ज इंडेन्ट बनाये व दवा प्राप्त कर मरीज का बैड पर ही उपलब्ध करावे। उन्होंने कहा कि यथासंभव अस्पताल में ही दवाऐं उपलब्ध करायी जावे। उन्होंने कहा कि जांचे सभी अस्पतालों में ही तो बाहर से नही करावे, भर्ती मरीज का सैम्पल वार्ड में ही लिया जावे वार्ड बॉय लेब में जमा कराए व रिपोर्ट लाए।
संभागीय आयुक्त ने आपातकालीन इमरजेंसी में वरिष्ठ चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। तत्काल मरीज को अटेंड किया जाए, आवश्यक जीवन रक्षक औषधिया व संसाधन उपलब्ध हो। संभागीय आयुक्त ने नर्सिंग स्टॉफ के रोगियों व परिजनों के प्रति व्यवहार में सुधार के लिए समय समय पर टेऊनिंग कराने, विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सांयकालीन राउण्ड एक वरिष्ठ चिकित्सक द्वारा भर्ती रोगियों के लिए किया जावे। संभागीय आयुक्त ने मेडिकल स्टॉफ द्वारा मोबाइल का वार्ड व अस्पताल ओटी, आईसीयू व लेबर रूम में उपयोग पर पूर्णतया पाबंदी लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि सिर्फ आवश्यक फोन सुना जा सकता है, यूट्यूब, व्हाट्सअप, फेसबुक, व गेम्स आदि का उपयोग करने पाये जाने पर संबंधित को चार्ज शीट दी जावे। संभागीय आयुक्त ने सभी कर्मचारियों को निर्धारित यूनीफार्म व परिचय पत्र गले में धारण करने की पालना कराने को कहा। उन्होंने कहा कि जो दवा दी जाती है उसके लिए रेशनल ड्रग पॉलिसी लागू की जावे। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत यथा संभव राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध दवाईयों को उपयोग में लेवे। उन्होंने मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना व मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना के नये बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए ताकि आने वाले लोगों को दवाओं व जांचों के बारे में जानकारी सुलभ हो सके।
संभागीय आयुक्त ने नॉन कोविड मरीजों की पूर्व की भांति सुविधाओं को निरंतर जारी रखने को कहा व इन्हें सुचारू बनाये रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो इंटर्न डॉक्टर चिकित्सालय में नहीं आ रहे उनकी अनुपस्थिति का विवरण भिजवाया जावे। उन्होंने कहा कि प्राचार्य के अधीन तीन बड़े अस्पतालों के अलावा अन्य अस्पतालों की व्यवस्था सुधार व समन्वय के लिए अतिरिक्त प्राचार्य, पीएमओ, प्रभारी इनकी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करावे, उनका यह दायित्व होगा।
संभागीय आयुक्त ने बैठक में कहा कि अस्पतालों में जहां कही अनुपयोगी कबाड़ पड़ा है उसका निस्तारण आगामी 1 माह में कराया जाना सुनिश्चित करावे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को बिजली, पानी,टॉयलेट, नल मरम्मत के लिए 24 घंटे हाउस किपिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टोर का सामान अन्य मरीजों की ट्राली में नहीं ले जाया जावे। इसके लिए लगेज ट्राली काम में ली जावे। उन्होंने कहा कि यदि कोई उपकरण अस्पताल में आया पड़ा है, उसे उपयोग में लिया जावे।
बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त व एमजीएच प्रभारी अरूण कुमार पुरोहित ने बताया कि एमजीएच अस्पताल में कोविड मैनेजमेंट व्यवस्था में सुधार आया है, मृत्युदर में भी कमी हुई है। बैठक में एनएलयू रजिस्ट्रार व प्रभारी एमडीएम सोहनलाल शर्मा ने बताया कि अस्पताल में टेस्टिंग के लिए लम्बी लाईने लगती है, इसके लिए राशि जमा कराने के लिए ऑन लाईन या पेटीएम व्यवस्था पर विचार किया जावे ताकि अनावश्यक परेशानी के बचा जा सके। उन्होंने शौचालय की नियमित साफ सफाई, पानी व नलों की मरम्मत की आवश्यकता जताई।
बैठक में एमडीएम अधीक्षक डॉ एम के आसेरी ने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे सीटी स्केन, एम्स रे, सोनोग्राफी व एमआर आई व अन्य जांच सुविधाए चालू है। उन्होंने बताया कि एमडीएम में ओपीडी व आईपीडी पूर्व की तुलना में 50 प्रतिशत बढी हैव निरंतर बढ रही है। उम्मेद अस्पताल अधीक्षक डॉ रंजना देसाई, एमजीएच अस्पताल अधीक्षक डॉ राजश्री बेहरा, संयुक्त निदेशक डॉ जोगेश्वर प्रसाद गर्ग, उपनिदेशक डॉ सुनिल कुमार सिंह बिस्ट व सीएमएचओं डॉ बवलंत मंडा ने चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी दी।