छह साल में किसानों को दिया 3 लाख करोड़ का लाभ: शेखावत
सेवा भारती समाचार
जोधपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्ष पर किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाया और आंकड़ों पेश करते हुए कहा कि पहली बार देश में कृषि क्षेत्र की चिंता और चिंतन के अनुरूप काम करने वाली सरकार आई है। हमने पिछले छह साल में किसान को 3 लाख करोड़ से ज्यादा का लाभ पहुंचाया है। देश और किसान इस बात को महसूस करता है।
आंकड़े बताते हुए शेखावत ने कहा कि दलहन के क्षेत्र में 2009-2014 तक केवल 3100 करोड़ रुपए का प्रोक्युर्मन्ट (सरकारी खरीद) हुआ, लेकिन मोदी सरकार के छह साल में दलहन-तिलहन का 74,883 करोड़ रुपए का प्रोक्युर्मन्ट हुआ है, यानी किसान के घर 71,00 करोड़ रुपए अतिरिक्त गया। किसान सम्मान निधि में छह हजार रुपए हर साल किसान को सरकार दे रही है। उन्होंने दलहन, तिलहन, गेहूं, धान, चना समेत अन्य जिंस में बढ़ाई एम.एस.पी के आंकड़े भी दिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोग बार-बार ऋण माफी की बात करते हैं। मनमोहन सिंह के समय दस साल में एक बार 50 हजार करोड़ की ऋण माफी की गई, लेकिन हमने दलहन-तिलहन के अलावा गेहूं-चावल में 1 लाख करोड़ का अतिरिक्त प्रोक्युर्मन्ट पिछले पांच साल में किया। किसान सम्मान निधि में 75 हजार करोड़ में इनवेस्टमेंट किया। 50 हजार करोड़ रुपए किसान को इंश्योरेंस के माध्यम से मिला है। कुल मिलाकर 3 लाख करोड़ रुपए किसान के घर अतिरिक्त गए हैं। किसान के पुनरुद्धार के लिए मोदी सरकार ने ही काम किया। इस बात को मैं नहीं, स्वयं स्वामीनाथ ने लेख लिखकर स्वीकार किया है।
शेखावत ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की यह प्रतिज्ञा है कि देश में एम.एस.पी की वृद्धि हो। एम.एस.पी अधिकार रूप में मिले। देश के किसान की फसल को खरीदा जाए। हम किसान की आमदनी को दोगुना करने के लिए हर पक्ष को साथ लेकर काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जो किसान के साथ नहीं, बिचौलिए के साथ खड़े हैं। बिचौलियों के चंगुल से किसानों को निकालने का जिक्र स्वामीनाथ रिपोर्ट में भी है। उन्होंने कहा है कि वन नेशन- वन मार्केट के रास्ते में जाना चाहिए। हमने उस दिशा में कदम आगे बढ़ाया है। हमने किसान को आजाद किया है। सरकार के बनाए कानून भारत के कृषि क्षेत्र को संपूर्ण रिफॉर्म की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।