प्रवासी मजदूरों ने 77 दिन में बनाए 8083 सामुदायिक शौचालय
सेवा भारती समाचार
जोधपुर। स्वच्छ भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए मात्र 77 दिन में 8083 सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार हो गए हैं। कोरोना संकट के कारण घर लौटे प्रवासी मजदूरों को काम देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राजस्थान समेत छह राज्यों के 116 जिलों में गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किया है। यहां प्रवासी मजदूरों को 125 दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपए का बजट तय किया। इसी के तहत केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के निर्देशानुसार केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा 15 जून से 15 सितंबर तक सामुदायिक शौचालय अभियान चलाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत के कार्यालय के अनुसार सामुदायिक शौचालय बनवाने वाले टॉप तीन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान हैं। उत्तर प्रदेश में 15 जून से अब तक 3932, बिहार में 1473 और राजस्थान में 1425 सामुदायिक शौचालय बनाए जा चुके हैं। जहां तक टॉप तीन जिलों की बात है तो वो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (610 सामुदायिक शौचालय), बरेली (545) और फतेहपुर (536) हैं। खास बात यह है कि इन सभी सामुदायिक शौचालयों पर रंगाई-पुताई के बाद प्रेरणादायी संदेश लिखवाए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को जागरूक किया जा सके। राजस्थान के राजसमंद, भीलवाडा, हनुमानगढ़, सिरोही, उदयपुर, बाड़मेर, सीकर, अजमेर, जोधपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बीकानेर, चित्तौडग़ढ़, भरतपुर, चूरू, जयपुर, झुंझुनूं, जालौर, अलवर, करौली, नागौर और पाली जिले में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत सामुदायिक शौचालय बनाए जा रहे हैं।