अनानके फ ाउंडेशन ने 1.9 करोड़ रुपए और सूखे चावल दान किए
- सेवा भारती समाचार
जोधपुर। अनानके फ ाउंडेशन सबा ग्रुप होल्डिंग्स की सीएसआर शाखा (एशिया में मुख्यालय की गई कमोडिटी कंपनी) ने राजस्थान के जोधपुर, टोंक, डूंगरपुर जिला में 1.9 करोड़ रुपए और 20,000 किलोग्राम सूखे सफेद चावल अपने स्थानीय साथी नवभारत मिल्स से खरीदकर दान किया हैं। इस दान का उद्देश्य जोधपुर, टोंक, डूंगरपुर की सडक़ों पर रहने वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए खाद्य टोकरी, स्वच्छता किट, कपड़े और सहायता प्रदान करना है। अनानके फ ाउंडेशन उन लोगों की मदद करने की इच्छा रखता है जो रहने के लिए घर धन की कमी भोजन आदि बुनियादी आवश्यकताओं के कारण लॉकडाउन में अत्यधिक पीडित हैं।
अनानके फ ाउंडेशन की संस्थापक और चेयरमैन डॉ मालिनी सबा ने बताया कि भारत वर्तमान में अपने इतिहास के सबसे बड़े लॉकडाउन के तहत है, जिसमें लगभग 130 करोड़ लोग कोरोनो वायरस के प्रकोप को देखते हुए घर के अंदर हैं। इस महामारी से राजस्थान में लगभग 117 लोग जान से हाथ धो बैठे है और 4126 से अधिक संक्रमित है। यह अनुमान लगाया गया है कि पूरे विश्व में भारत में रहने वाले बच्चे सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं और शोषण शक्तिहीनता हिंसा को दूर करने वाली कल्याणकारी योजनाओं से अछूते है। अमीर लोग घर में रह सकते हैं क्योंकि उनके पास भोजन सामग्री अच्छी तरह से स्टोर की गयी हुई है लेकिन सडक़ पर रहने वाले लोगो के लिए उनका स्टोर बस उनका खुद का पेट है। ये सडक़ पर रहने वाले बच्चे सबसे कमजोर आबादी हैं जिनकी एक दिन की भी बचत नहीं होती और ऐसे महामारी में ये पूरी तरह से बाहरी मदद पर निर्भर होते हैं क्योंकि महामारी का प्रकोप इन पर सबसे ज्यादा होता है। मेरा दिल इन बच्चों की पीड़ा को देख रहा है और मुझे आशा है कि हमारा योगदान किसी तरह से इनके दर्द को कम करने में मदद करेगा।