आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती मनाई
सेवा भारती समाचार
जोधपुर। सूरसागर रोड स्थित मनोकामेश्वर महोदव मंदिर (डूंगरिया) में आदि गुरु शंकराचार्य जयंती मनाई। आचार्य पुखराज बिस्सा व बंसत मूथा ने पूजन, अभिषेक, हवन कर गुरु शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया।
श्रीशांतिदेवी विद्या पीठम् के आचार्य पुखराज बिस्सा ने बताया कि भगवान शंकर के अवतार धर्मगुरु एवं हिन्दू दार्शनिक आदि गुरु शंकराचार्य अद्वैत वेदान्त के संस्थापक और हिन्दु धर्म प्रचारक थे। आदि शंकराचार्य जीवनपर्यंत सनातन धर्म के जीर्णोद्वार में लगे रहे और उनके प्रयासों से हिन्दू धर्म को नवचेतना प्रदान की। उन्होंने देव भूमि भारत की चारों दिशाओं में चार मठ पीठों की स्थापना की। अध्यात्म, धर्म ग्रंथों की रक्षा, भारत देश में उच्च स्तर की शिक्षा व्यवस्था एवं देश की रक्षा के लिये महत्वपूर्ण कार्य किये। श्रीशांतिदेवी विद्या पीठम के अध्यक्ष ब्रजकिशोर ने बताया कि गुरु शंकराचार्य जयंती पर हर वर्ष त्रिदिवसीय कार्यक्रम रखा जाता है। इस वर्ष लॉकडाउन के चलते संस्था के सदस्य आशीष त्यागी, कमलेेश जोशी, जगदीश, अक्षय हरिश, हनेश, अर्जन, आनंद कृष्ण लोहरा, अनामिका जोशी आदि ने घरों में रह कर आदि गुरु शंकराचार्य की तस्वीर पर चावल, कुमकुम, रोली आदि अर्पण कर पूजन कर जयंती मनाई। संस्था के सभी सदस्यों ने उनके बताये अध्यात्म मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।